रामगंज मंडी (कोटा) पत्नी के अफेयर से परेशान युवक ने सुसाइड करने के लिए पुलिया से आहू नदी में छलांग लगा दी। मछली पकड़ रहे मछुआरों ने उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। मामला कोटा जिले के सुकेत नगर पालिका क्षेत्र का है।
सुकेत थाने के एसएचओ विष्णु सिंह ने बताया- रविवार दोपहर 3:30 बजे रामगंज मंडी निवासी संदीप बैरागी (30) पुत्र राधेश्याम ने नेशनल हाईवे -52 पर आहू नदी के ऊपर बनी पुलिया से करीब 50 फीट नीचे नदी में छलांग लगा दी। मछुआरों ने उसकी जान बचाई।
संदीप की शादी 2018 हुई थी। उसका चार साल का बेटा है। संदीप साड़ी की दुकान पर काम करता है। माता-पिता घर पर रहते हैं। बड़ा भाई संजय लाइट डेकोरेशन का काम करता है।

सुसाइड का कारण पूछने पर रोने लगा
प्रत्यक्षदर्शी मछुआरे नंदलाल ने बताया- दोपहर 3:30 बजे मैं अपने साथियों के साथ आहू नदी में मछलियां पकड़ने आया था। तभी युवक हाईवे की पुलिया पर आया। थोड़ी देर रुका रहा। फिर पुलिया की सुरक्षा दीवार पर चढ़कर नदी में कूद गया। हमने नीचे से आवाज लगाई, लेकिन उसने नहीं सुनी। डूबने लगा तो हमारे तीन साथियों ने उसे बाहर निकाला। सुसाइड का कारण पूछा तो रोने लगा। कह रहा था मेरी जिंदगी खराब हो गई। इसके बाद हमने सुकेत पुलिस को सूचना दी। युवक को पुलिस अपने साथ थाने लेकर चली गई।
संदीप बैरागी की जेब से उसकी पत्नी के नाम दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें संदीप ने अपनी पत्नी की बेवफाई का जिक्र किया है। साथ ही, पत्नी के प्रेमी धर्मेंद्र विश्वकर्मा समेत तीन लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया है।

मौत के लिए तीन जिम्मेदार
मैंने पूरी बात धर्मेंद्र की पत्नी सोना को बताई। मेरी मौत के तीन लोग जिम्मेदार होंगे। पहला धर्मेंद्र विश्वकर्मा, दूसरा मुबारक भाई जो कि धर्मेंद्र का दोस्त है और तीसरी एक महिला जिसने इन्हें मिलाया। मैं अपने बेटे प्रिंस से बहुत प्यार करता हूं। मैं मजबूर हूं, हार चुका हूं। Sorry प्रिंस, Sorry Family, I Hate U Priya लिखकर सुसाइड नोट पर अपने साइन और अंगूठे का निशान भी लगाया है।





