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विधानसभा में कोचिंग रेगुलेशन बिल भी अटका:BJP‌ ‌विधायकों ने किया था विरोध; सिलेक्ट कमेटी को सौंपा गया, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

राजस्थान विधानसभा में कोचिंग रेगुलेशन बिल भी अटक गया है। बिल पर विरोध के चलते इसे सिलेक्ट कमेटी को सौंप दिया गया है। विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। कोचिंग रेगुलेशन बिल पर बहस के दौरान बीजेपी विधायकों ने ही इसके प्रावधानों का खुलकर विरोध किया।

कालीचरण सराफ ने इस बिल को प्रवर समिति को भेजने की मांग की। सराफ ने कहा- यह बिल अगर मौजूदा स्वरूप में पारित हो गया तो यह कोचिंग संस्थान राजस्थान से बाहर शिफ्ट हो जाएंगे। हजारों शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे। 60 हजार करोड़ का कारोबार छोटे हो जाएगा। इस बिल से अफसरशाही हावी हो जाएगी।

सराफ ने कहा- इस बिल पर पहले कोचिंग संस्थानों, जनता, स्टूडेंट और शिक्षकों सब से बात होनी चाहिए। आपने स्टेट और जिला लेवल पर कमेटी बनाने का प्रावधान कर दिया। कलेक्टर 50 कमेटी का अध्यक्ष होता है वह जा नहीं सकता। कमेटी में कोई स्वंयसेवी संस्थाओं, ज्यूडिशियरी का भी व्यक्ति नहीं है। कमेटी में सरकारी अफसर है, लेकिन जनप्रतिनिधि नहीं है। इसमें ज्यूडिशियरी का प्रतिनिधि भी होना चाहिए।

सराफ ने कहा- केंद्र ने गाइडलाइन दी थी कि इस तरह का सिस्टम विकसित हो कि कोई बच्चा 2 दिन गैरहाजिर रहता है तो उसकी सूचना उसके माता-पिता को दी जानी चाहिए, वह प्रावधान इस बिल से गायब है। इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित मत कीजिए

बजट सत्र में 24 दिन में 181 घंटे 50 मिनट चली कार्यवाही विधानसभा के बजट सत्र में कुल 24 दिन में 181 घंटे 50 मिनट सदन की कार्यवाही चली। 10 बिल पास हुए, जबकि 3 बिल प्रवर समिति को सौंपे गए। बजट सत्र में विधायकों ने 9800 सवाल पूछे। इनमें से 4480 तारांकित और 5302 अतारांकित सवाल थे। 516 तारांकित, 576 अतारांकित सवाल लिस्टेड हुए।

राजस्थान में 45 कानून खत्म उधर, विधानसभा में बहस के बाद राजस्थान विधियां निरसन विधेयक पारित किया गया। इस बिल में पुराने 45 कानून खत्म करने का प्रावधान है। इनमें 37 कानून तो पंचायती राज से जुड़े हैं। अब प्रदेश में 45 गैर-जरूरी और पुराने हो चुके कानून खत्म हो जाएंगे। इनमें बीकानेर स्टेट डिस्ट्रिक्ट बोर्ड अमेंडमेंट एक्ट 1952, बीकानेर म्यूनिसिपल अमेंडमेंट एक्ट 1952 जैसे पुराने कानून खत्म किए जाएंगे।

बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी ने राणा सांगा को गद्दार कहने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई।
बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी ने राणा सांगा को गद्दार कहने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई।

राणा सांगा को गद्दार कहने का मुद्दा विधानसभा गूंजा इससे पहले समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा को गद्दार कहने का मुद्दा राजस्थान विधानसभा में उठा। बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी ने पॉइंट ऑफ इंफॉर्मेशन के जरिए राणा सांगा को गद्दार कहने का मामला उठाते हुए पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। इस पर कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा- सदन में इस पर चर्चा नहीं हो सकती। हरिमोहन शर्मा के इतना कहते ही बीजेपी विधायकों ने कड़ी आपत्ति की।

इस पर बीजेपी विधायकों ने कहा- राणा सांगा के अपमान पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती? कई बीजेपी विधायक जोर-जोर से बोलने लगे, इससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा- कांग्रेस विधायक दल रामजीलाल सुमन के साथ खड़ा है, राणा सांगा का अपमान करने वाले के साथ खड़ा है, शर्म आनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बिजली से जुड़ा पूरक सवाल पूछने की अनुमति नहीं मिली। इस पर कांग्रेस ने हंगामा किया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बिजली से जुड़ा पूरक सवाल पूछने की अनुमति नहीं मिली। इस पर कांग्रेस ने हंगामा किया।

कांग्रेस विधायकों ने किया हंगामा, वेल में नारेबाजी प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बिजली से जुड़ा पूरक सवाल पूछने की अनुमति नहीं मिली। इस पर कांग्रेस ने हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की। इसके बाद सदन से वॉकआउट किया।

स्पीकर वासुदेव देवनानी ने तर्क दिया कि नेता प्रतिपक्ष को 2 पूरक सवाल पूछने की मंजूरी दी जा चुकी है। अब इससे ज्यादा नहीं होगा। जूली ने कहा- यह विपक्ष का अधिकार है। कुछ देर स्पीकर और जूली के बीच तकरार हुई।

कांग्रेस विधायकों के हंगामे पर नाराजगी जताते हुए स्पीकर ने कहा- मैं जितना कॉपरेट कर रहा हूं, आप उतना सिर पर चढ़ रहे हो। इस तरह करोगे तो सहयोग की उम्मीद मत करना। मुझे कठोर कार्रवाई के लिए मजबूर मत करो।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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