राज्य सरकार से मनमुटाव की चर्चाओं के बीच कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा एक बार फिर एक्टिव मोड में नजर आए।
शनिवार दोपहर दौसा कलेक्ट्रेट में सरकार से मनमुटाव के सवाल पर डॉ. किरोड़ी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने घोषणा की थी कि चुनाव हार जाएंगे तो मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। मनमुटाव की कोई बात नहीं थी, मैंने इस्तीफा दे भी दिया था। अब मुझे केंद्रीय नेतृत्व ने कहा है कि काम करिए, आगे कोई नया रास्ता निकालेंगे।
उन्होंने कहा- बड़ी तेज गति से मेरे कार्यक्रम शुरू हो गए हैं, जो बीकानेर से चालू हुआ था। मुझे कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी दे रखी है, ऐसे में कुछ दिन बाद बड़े धमाके देखने को मिलेंगे कि काम किस तेजी से होते हैं। जिसने भी गड़बड़ी और लापरवाही की है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

केंद्र और राज्य सरकार की कृषि एवं उद्यान विभाग में बहुत योजनाएं हैं, जो कई जिलों तक नहीं पहुंची हैं। कुछ जिलों में तो बहुत काम हो गया, लेकिन दौसा और आसपास के जिलों में कोई काम नहीं हुए। इस गतिरोध को दूर कर किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा फिर से सक्रिय हुए हैं। उनके बयान के बाद सरकार में उनकी नई भूमिका को लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है।
किसानों की समस्याएं लेकर पहुंचे थे दरअसल, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा काफी दिन बाद शनिवार को दौसा कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, जहां उन्होंने कलेक्टर देवेंद्र कुमार और एसपी सागर राणा से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि लवाण के डुगरावता में पूर्वी राजस्थान का बड़ा पावर ग्रिड बन रहा है और उससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन पावर ग्रिड को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों की कुछ शिकायतें हैं, उनको लेकर ही कलेक्टर और कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनका हल करने के निर्देश दिए हैं।
इसके पहले किरोड़ीलाल मीणा ने जिला परिषद में आयोजित राजस्थान दिवस महोत्सव के तहत चल रहे युवा कार्यक्रम में भी पहुंचे। साथ ही जिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।





