कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने पर्ची बयान पर कहा- ये तो पुरानी बात हो गई, आई गई बात को क्यों कुरेदते हो। सरकार से कोई नाराजगी नहीं थी और अब दिल्ली हाईकमान के निर्देश पर पिछले 5-6 दिनों से सक्रिय हुआ हूं।
कृषि मंत्री मीणा ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव में सीट हारने पर नैतिकता के नाते मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसलिए काम नहीं कर पाया। अब नेतृत्व से आदेश मिला है काम करो। जो 9 महीने में नुकसान हुआ है, उसकी जल्द से जल्द भरपाई करेंगे।
इससे एक दिन पहले 30 मार्च को सवाई माधोपुर में उन्होंने कहा था- ऐसी कोई ताकत नहीं बची थी, जिसने मुझको चुनाव हराने की कोशिश नहीं की। घर के भी, बाहर के भी… बाद में पर्ची में हो गया, तो हम भी क्या करते? उन्होंने यह भी कहा था कि जब-जब सवाई माधोपुर से जीते, तभी मंत्री बने।
सोमवार को वे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भतीजे की मौत पर संवेदना व्यक्त करने कोटा आए थे। मीडिया ने जब मंत्री से फोन टैपिंग से जुड़ा सवाल पूछा तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

किरोड़ी ने कोटा में मीडिया से कही ये 3 अहम बातें…
1. समरावता को न्याय मिल गया: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- समरावता में पूरा न्याय मिल गया। मैंने खुद मौके पर जाकर 19 निर्दोष लोगों को छुड़वाया। 52 लोग जेल में थे, जिनसे मिलने गया था। सरकार में था, इसलिए आरोपियों से मिलना ठीक नहीं था, फिर भी मामला शांत हो इसलिए गया। नरेश मीणा के पिताजी सीएम से मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कोई भरोसा दिया होगा, लेकिन कानून की जकड़ में आए को अदालत ही छोड़ेगी।
2. किसानों का हक उन्हें जरूर मिलेगा: कृषि मंत्री ने कहा- बूंदी और कोटा के किसानों ने फसल खराबा मुआवजे की शिकायत की है। कंपनी की गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी बना दी है। 109 करोड़ के बीमा में से मात्र 9 करोड़ दिया गया, 100 करोड़ को दाएं-बाएं कर दिया। सख्त कार्रवाई करेंगे। किसी को किसानों का हक नहीं खाने देंगे।
3. 50 थानेदारों को जेल में डाला: डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- कांग्रेस राज में बेरोजगार और भाजपा सड़कों पर थी। हमने आंदोलन किया, जेल गए, लाठियां खाईं, लेकिन वे कुंडली मारकर बैठे रहे। हमारी सरकार ने 50 थानेदारों को जेल भेजा। भ्रष्टाचार, किसान और बेरोजगारों के मुद्दों पर कार्रवाई कर रहे हैं। रोजगार मेले लगा रहे हैं, वैकेंसियां निकाली हैं।






