स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए वीकेआई पुलिस ने फैक्ट्री संचालक सहित 7 को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सस्ती चाय और वॉशिंग पाउडर की पैकिंग पर माहेश्वरी चाय व सर्फ एक्सेल के रैपर लगाकर मार्केट में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने वीकेआई स्थित फैक्ट्री से पैकिंग करने वाली 3 मशीनें और गंगापुर सिटी की फैक्ट्री में नकली रैपर तैयार करने वाली 14 डाई जब्त की हैं। इनमें 6 डाई सर्फ एक्सेल, 8 माहेश्वरी चाय के रैपर की हैं।
पुलिस को गंगापुर सिटी में सरस सहित कई ब्रांड के घी, अगरबत्ती, मसाले व ऑयल कंपनियों के लाखों रैपर भी मिले हैं। गंगापुर सिटी की फैक्ट्री का संचालक पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया, जिसे पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इधर वीकेआई में गिरफ्तार आरोपी फैक्ट्री संचालक सरगना गोविंद शर्मा अमरसर, केसर सिंह उर्फ मोनू, लाखन सिंह राजपूत, सतपाल सिंह, राजगढ़ अलवर, तेजपाल सैनी, मुकेश कुमार विराट नगर कोटपूतली व विजेंद्र सिंह दीपपुरा हरमाड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सर्फ एक्सेल व माहेश्वरी चाय के अधिकृत प्रतिनिधियों को बुलाकर तस्दीक करवाई। माल नकली होने की पुष्टि के बाद अग्रिम कार्रवाई की।
100 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग, गंगापुर की फैक्ट्री से करीब 100 डाई मिलीं
डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना के बाद वीकेआई एसएचओ राजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने बढ़ारना स्थित एक कारखाने में दबिश दी। जहां मालिक गोविंद शर्मा अन्य साथियों को पकड़कर पूछताछ की तो सामने आया कि वह सस्ते भावों में मार्केट से सामान्य वॉशिंग पाउडर व चाय खरीदता है। इसके बाद 100 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग करने के बाद सर्फ एक्सेल व माहेश्वरी चाय के रैपर लगाकर सप्लाई करते हैं।
गोविंद ने बताया कि वह रैपर गंगापुर सिटी में राहुल वैष्णव की फैक्ट्री से खरीदता है। उसके बाद एक टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी। तब तक फैक्ट्री संचालक राहुल फरार हो गया। पुलिस को फैक्ट्री से करीब 100 डाई मिलीं, जो अलग-अलग ब्रांड की थी।
रोज एक पिकअप सप्लाई
डीसीपी ने बताया कि गोविंद ने 6 माह पहले यह फैक्ट्री किराए पर ली थी। गोविंद मार्केट से भारी मात्रा में नॉर्मल वाशिंग पाउडर व चाय पत्ती खरीदता है। वे रोजाना एक पिकअप माल तैयार कर सप्लाई करता था। गोविंद जयपुर के आस-पास के छोटे मार्केट, कच्ची बस्ती सहित अन्य छोटे दुकानदारों को टारगेट कर रखा था। उन्हें सस्ते में कंपनी का माल देने का झांसा देता था। वे ज्यादा मुनाफे के लालच में नकली माल खरीदकर ग्राहकों को बेचते थे।
वीकेआई व गंगापुर सिटी में नकली लेबल लगाकर तैयार किए जा रहे थे सर्फ एक्सेल व माहेश्वरी चाय के पैकेट
10 किलो वॉशिंग पाउडर पर करीब 450 रुपए का खर्च पड़ता था। उसे वह 600 रुपए तक बेचता था। ऐसे में छोटे दुकानदार खरीद लेते थे। चाय पर 100 रुपए प्रति किलो पर मुनाफा रखता था।






