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गहलोत बोले- देवस्थान बोर्ड में मुस्लिम बैठ सकते हैं क्या?:वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को क्यों बैठा रहे? उद्योगपति रामदेव रुह-अफ्जा पर राजनीति कर रहे

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने वक्फ बोर्ड बिल,रुह अफ्जा विवाद और नेशनल हेराल्ड मामले में बीजेपी,केंद्र सरकार पर पलटवार किया है।अशोक गहलोत ने कहा कि ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। वक्फ बोर्ड का बिल लेकर आ गए, अब हिंदू लोग बैठेंगे वक्त बोर्ड के अंदर, क्या तमाशा है? हमारा देवस्थान विभाग है, हिंदुओं का उसमें मुस्लिम बैठ सकते हैं क्या? सिख, ईसाई दूसरे धर्मावलंबी बैठते हैं क्या? मुसलमानों का जो वक्फ बोर्ड है उसमें आप हिंदुओं को बिना मतलब क्यों बैठा रहे हो?

गहलोत ने कहा कि जानबूझकर यह प्रयोग कर रहे हो। यह डेमोक्रेसी में अच्छी बात नहीं है। धर्म के नाम पर अपने देश को बांट दिया। गहलोत प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

रामदेव उद्योगपति बन गए, उन्हें भगवान को छोड़ देना चाहिए गहलोत ने स्वामी रामदेव के रुह अफ्जा वाले बयान को लेकर पलटवार किया। गहलोत ने कहा- अब तो रूह अफ्जा पर भी सवाल उठ रहा हैं, हम बचपन से रूह अफ्जा पीते आए हैं। रूह अफ्जा की देश दुनिया में अलग पहचान है। अब बाबा रामदेव कह रहे हैं रूह अफ्जा भी मस्जिद बनाएगा दरगाह चलाएगा। अब बाबा रामदेव कमर्शियल आदमी बन गए, उन्हें भगवान को छोड़ देना चाहिए। अब वो देश के बड़े उद्योगपति आ गए हैं उनको अब उद्योगपति की तरह बिहेव करना चाहिए।

रामदेव रूहअफ्जा को लेकर पॉलिटिक्स करने लग गए

गहलोत ने कहा- उनके पास में चार्टर्ड प्लेन, हेलीकॉप्टर होगा ही होगा। उनको ये बातें छोड़ देनी चाहिए। वह तो हिंदू मुस्लिम की खुद बातें करने लग गए, रूह अफ्जा को लेकर पॉलिटिक्स करने लग गए। आप सोच सकते हो देश किस दिशा में जा रहा है, हालत यह हो गए हैं। बहुत चिंताजनक स्थिति है। देश किस दिशा में जा रहा है किसी को नहीं मालूम। किस दिशा में जाएगा कोई नहीं जानता।

फासिस्ट लोगों ने लोकतंत्र का मुखौटा पहन रखा, लोकतंत्र में यकीन नहीं

गहलोत ने बीजपी आरएसएस पर कहा- ये फास्टेस्ट लोग हैं, इन्होंने मुखौटा लोकतंत्र का पहन रखा है, चाहे आरएसएस की सोच हो या बीजेपी की, इनका लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है। इसलिए ऐसे हालात बने हैं। देखते हैं आगे हम लोग संघर्ष करेंगे। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा गांधी अंबेडकर की है। इंदिरा गांध्नी जैसी नेता देश की एकता अखंडता के लिए शहीद हो गईं, बेशर्मी की हद है कभी भी उनका नाम लिया इन्होंने। ये लोग नया इतिहास बनाने में लगे हुए हैं जो इनसे बनने वाला नहीं है। जनता और युवा पीढ़ी को समझाना पड़ेगा, सच्चाई क्या है। इनके पास धन की कमी नहीं है। सोशल मीडिया का दुरुपयोग हो रहा है।

नेशनल हेराल्ड मामले में एक पैसे का लेनदेन नहीं हुआ तो फिर घोटाला कैसे हुआ? गहलोत ने नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट को लेकर कहा कि ये लोग पागल हो गए हैं। आजादी से पहले नेशनल हेराल्ड अखबार खोला गया था ताकि आजादी की लडत्राई में शामिल कांग्रेस की आवाज जनता तक पहुंचे। बीच में अखबा बंद होग या। कांग्रसे ने इसे फिर जिंदा किया, नई कमेटी बनानी पड़ी यंग इंडियन। इस पूरे मामले में जो कंपनी बनी वो नोन प्रोफिट मैंकिंग वाली कंपनी थी। आप एक पैसे का प्रोफिट नहीं कमा सकते। एक नए पैसे का कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ, एक नए पैसे का लेनदेन नहीं, कंपनी बनी उसका कोई प्रॉफिट हो ही नहीं सकता। उसमें प्रॉफिट नहीं आ सकता, कमर्शियल काम हो नहीं सकते। जब कमर्शियल काम नहीं हो सकते हैं, नॉन प्रॉफिट कंपनी बनी है फिर घोटाला क्या हुआ?

झूठे आरोप लगाकर जो कर रहे हैं वो आगे इन पर ही भारी पड़ेगा, इनका ग्राफ गिर रहा है

गहलोत ने कहा- इसके बावजूद इनका दूस्साहस देखो, इस तरह पेश किया गया जैसे बहुत बड़ा घोटाला हो गया हो। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से चार ​दिन तक दिल्ली में ईडी ने पूछताछ की। उन सब को लेकर आपने पूरे देश में तमाशा बना दिया। ये झूठे आरोप लगाकर जो कर रहे हैं यह उनके खुद के लिए भारी पड़ेंगे, पब्लिक सब देखती हैं। नॉन प्रॉफिट वाली कंपनी है तो कहां घोटाला हो गया? जो प्रॉफिट नहीं बना सकते हैं, यह बताएं घोटाला कहां हो गया? ये जो लोग तमाशा कर रहे हैं ये भारी पड़ेंगे, जनता समझ जाएगी। जब कोई लेनदेन हुआ ही नहीं है तो इसमें मनी लॉन्ड्रिंग कहां हुई है, लेकिन यह तमाशा है। इनका ग्राफ नीचे आता जा रहा है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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