माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राजस्थान जयपुर चैप्टर ने माइनिंग क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को मानसरोवर स्थित माइनिंग वेलफेयर सेंटर में दो दिवसीय सुपरवाइजरी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइन्स सेफ्टी अजमेर रीजन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न माइनिंग संगठनों से लगभग 40 फ्रंटलाइन सुपरवाइजर्स ने हिस्सा लिया। एमईएआई जयपुर चैप्टर के अध्यक्ष ललित सोनी ने बताया कि यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो खदानों में सीधे तौर पर काम की निगरानी करते हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। डॉ. सत्यनारायण ने सेफ्टी और रिस्क मैनेजमेंट प्लान पर प्रकाश डाला। डी.एस. साल्वी, आर. सिगर, डॉ. दीपक गौतम और शंकर लाल ने अपने विशेषज्ञता के क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर ट्रेनिंग रहा। एस.सी. सारस्वत ने आपातकालीन स्थितियों में जान बचाने के तरीके सिखाए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
एमईएआई जयपुर चैप्टर ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे माइनिंग क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाया जा सके।






