अक्षय तृतीया पर खरीदा गया साेना निवेशकों के लिए साल दर साल फलदायी रहा है। सात साल पहले अक्षय तृतीया पर खरीदे गए साेने की कीमत अब तक तीन गुना ताे पांच साल पहले की तुलना में दाे गुना बढ़ चुकी है। वर्ष 2018 में 17 अप्रैल काे अक्षय तृतीया पर जयपुर में शुद्ध साेने के दाम 32 हजार 550 रुपए और पांच साल पहले 24 अप्रैल 2020 काे 46 हजार 700 रुपए प्रति 10 ग्राम थे, जाे अब 98 हजार 600 रुपए हाे गए हैं। यानी 7 साल में साेना खरीदारों काे 202 और पांच साल 111 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है।
पिछली अक्षय तृतीया से अब तक साेने से 32.34 फीसदी रिटर्न मिला है, जाे प्राॅपर्टी, बैंक एफडी और शेयर बाजार से ज्यादा है। इसके चलते मौजूदा दौर में निवेशकों के लिए सोना पसंदीदा एसेट के ताैर पर उभरा है।
प्रदेश में अक्षय तृतीया काे 300 किलाे साेने के गहने बिकने की उम्मीद
विश्व स्वर्ण परिषद के मुताबिक, धनतेरस और अक्षय तृतीया पर देश में 4 से 6 टन साेने के गहने बिकते हैं। इसमें राजस्थान की हिस्सेदारी 5 से 7% मानी जाती है। कीमत ऊंची हाेने के कारण यदि इस साल 4 टन गोल्ड ज्वैलरी भी बिकती है तो अक्षय तृतीया पर जयपुर में करीब 300 किलो साेने के गहने बिकने का अनुमान है। इनके अलावा निवेशक साेने के सिक्के भी खरीदते हैं।
दुनियाभर में बढ़ रही महंगाई से बढ़ी साेने की मांग
सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के उपाध्यक्ष मनीष खूंटेटा का कहना है कि दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है, जिससे मुकाबले के लिए निवेशक और केंद्रीय बैंक सोना खरीद कर रहे हैं। अमीर भी दूसरी एसेट के मुकाबले सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। भारत में अत्यधिक अमीर तबका (यूएचएनडब्ल्यूआई) यानी 240 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति वालाें ने 6% निवेश सोने में किया है, जबकि पहले निवेश कम हुआ करता था।
लाइटवेट ज्वैलरी की मांग, टर्नओवर ज्यादा होगा
सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि कीमत अधिक होने के बावजूद अक्षय तृतीया पर आभूषणों की खुदरा मांग आम दिन के मुकाबले दोगुनी रहने उम्मीद है। हालांकि, वजन के लिहाज कारोबार कम हाेगा, लेकिन कीमत में उछाल से टर्नओवर ज्यादा हाेगा। इसकाे देखते हुए ज्वैलर्स ने भी लाइटवेट ज्वैलरी तैयार कराई है।
ध्यान रखें; कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत ज्वैलर्स को बिल पर माल वापसी की शर्त लिख कर देनी होती है कि ग्राहक 15 दिन के अंदर खरीदे गए आभूषण की हॉलमार्क सेंटर में जांच कराए। शुद्धता में अंतर मिलने पर वापस करें। अगर आभूषण वापस नहीं करना चाहता है तो ज्वैलर्स से अंतर की कीमत का दोगुना वसूले।






