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4 साल बाद एक साथ रहने जा रहा था परिवार:बांसवाड़ा के दंपती को परिवार अहमदाबाद एयरपोर्ट तक छोड़ने गया था; प्लेन में ली आखिरी सेल्फी

अहमदाबाद प्लेन हादसे में बांसवाड़ा के डॉक्टर दंपती और उनके तीन बच्चों की भी जान गई है। दंपती अपने बच्चों के साथ लंदन में शिफ्ट होने वाले थे।

हादसे से बिल्कुल पहले फ्लाइट में डॉ. प्रतीक जोशी ने पूरे परिवार के साथ सेल्फी ली। 4 साल से लंदन में अकेले रह रहे डॉ. प्रतीक बेहद खुश थे कि अब पूरे परिवार के साथ रहेंगे, उनकी पत्नी डॉ. कौमी ने भी लंदन जाने के लिए उदयपुर में अपनी जॉब छोड़ दी थी।

डॉ. प्रतीक जोशी और डॉ. कौमी व्यास के 3 बच्चे थे, जिनमें से 2 बेटे जुड़वां थे। वे भी हादसे का शिकार हो गए। एयरपोर्ट पर दोनों के परिवार उन्हें छोड़ने आए थे।

देखिए पूरे परिवार की आखिरी सेल्फी, जिसने आंखें नम कर दी..

4 साल से लंदन में रेडियोलॉजिस्ट थे प्रतीक बिल्डिंग मटेरियल का काम करने वाले डॉ. कौमी के भाई प्रबुद्ध व्यास ने बताया- डॉ. प्रतीक पिछले 4 साल से लंदन में बतौर रेडियोलॉजिस्ट काम कर रहे थे। उनकी वाइफ कौमी व्यास उदयपुर के पेसिफिक मेडिकल कॉलेज से पैथोलॉजिस्ट की प्रैक्टिस कर रहीं थीं। कौमी पिछले साल भर से यहीं थी। कौमी के साथ ही उनके तीनों बच्चे भी उदयपुर में रह रहे थे।

तस्वीर जोशी परिवार की है। सभी लंदन शिफ्ट हो रहे थे।
तस्वीर जोशी परिवार की है। सभी लंदन शिफ्ट हो रहे थे।

3 दिन पहले ही बांसवाड़ा आए थे प्रबुद्ध व्यास ने बताया- पहले बच्चे छोटे थे, ऐसे में बच्चों का पासपोर्ट नहीं बन पाया था। बच्चे भी कौमी के साथ ही रहते थे। प्रतीक जोशी 3 दिन पहले ही बांसवाड़ा आए थे। एक महीने पहले कौमी ने रिजाइन दिया था। दो दिन पहले वह उदयपुर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज (उमरड़ा) में सारी औपचारिकताएं कर सभी से मिलकर निकलीं थीं।

उदयपुर में अपने बच्चों के साथ डॉ. कौमी व्यास।
उदयपुर में अपने बच्चों के साथ डॉ. कौमी व्यास।

प्रतीक-कौमी का परिवार भी एयरपोर्ट पर था 12 जून को दंपती को छोड़ने के लिए प्रतीक और कौमी के परिजन भी अहमदाबाद तक छोड़ने गए थे। फ्लाइट के टेक ऑफ करने के बाद परिजन कुछ ही दूर पहुंचे थे कि उन्हें प्लेन क्रैश की सूचना मिली। इसके बाद सभी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कौमी-प्रतीक और बच्चों के बारे में जानकारी ली। हालांकि अभी तक उनके शव नहीं मिल पाए हैं।

तस्वीर कौमी और प्रतीक की है। दोनों को घूमने का शौक था। वे अक्सर जाते बच्चों को घुमाने ले जाते रहते थे।
तस्वीर कौमी और प्रतीक की है। दोनों को घूमने का शौक था। वे अक्सर जाते बच्चों को घुमाने ले जाते रहते थे।

कलेक्टर एसपी भी पहुंचे थे घर यह सूचना जैसे ही बांसवाड़ा पहुंची तो रिश्तेदार और पड़ोसियों की घर के बाहर भीड़ जमा हो गई। इधर प्रशासन से कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव और एसपी हर्षवर्धन अगरवाला सहित कई अधिकारी घर पहुंचे और परिजनों और रिश्तेदारों से जानकारी ली। कौमी व्यास के पिता अनिल व्यास बांसवाड़ा में PWD डिपार्टमेंट में रिटायर्ड एक्सईएन है। प्रतीक के पिता जय प्रकाश जोशी भी रेडियोलॉजिस्ट हैं, जिनका बांसवाड़ा में सोनोग्राफी सेंटर भी है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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