सोमवार को नागौर जिले की मेड़ता विधानसभा के रियां बड़ी क्षेत्र में बजरी खनन की अनुमति को लेकर लीज आवंटन में हुई भारी अनियमितताओं के विरोध में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया,रैली में
रियां बड़ी,झींटिया, सुरियास आदि क्षेत्रों में गौचर, करणी माता के ओरण तथा लूणी नदी के संरक्षित क्षेत्र में बजरी खनन हेतु आवंटित लीजों को निरस्त करवाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमों व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ववती सरकार के समय भी बजरी माफिया के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत यहीं से हुई और उसका परिणाम यह रहा कि समानान्तर सरकार चलाने वाले बजरी माफिया मेघराज सिंह के हर जब ईडी और एजेंसियां पहुंची तब उसे पीछे के दरवाजे से भागना पड़ा और हमारे आंदोलन की बदौलत ही उसके करोड़ो की पेनल्टी लगी |
सभा में बेनीवाल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “जब मैंने पार्टी नहीं बनाई थी, तब भी बजरी माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी और आज भी आप लोगों के एक बुलावे पर आपकी लड़ाई लड़ने आ गया हूं। मेड़ता के किसान शुरू से ही संघर्षशील रहे हैं। यह क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान की राजनीतिक धुरी रहा है, जहां के किसान सदैव सामंती ताकतों के खिलाफ एकजुट रहे हैं।”
बजरी लीज में बड़े माफियाओं को फायदा पहुंचाया गया
रियां बड़ी क्षेत्र में बजरी लीज आवंटन पर सवाल उठाते हुए बेनीवाल ने कहा कि यह आवंटन पूरी तरह से माफियाओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार को इस लीज को तुरंत निरस्त करना चाहिए। स्थानीय लोगों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और सरकार को उनकी ओर ध्यान देना चाहिए।
स्थानीय लोगों को दिखावे की भागीदारी, असली फायदा माफियाओं को
सरकार पर हमला बोलते हुए बेनीवाल ने कहा, “बजरी लीज का जो स्वरूप सामने आया है, वह दर्शाता है कि इसमें बड़े माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया। स्थानीय लोगों को केवल दो-चार पैसे में प्रतीकात्मक भागीदारी दी गई ताकि विरोध को दबाया जा सके और माफियाओं व सरकार की सांठगांठ चलती रहे और अवैध आवंटन में यहां के पूर्व तहसीलदार सहित कई अधिकारी जिम्मेदार हैं जिनके खिलाफ कार्यवाही करवाई जाएगी |
किसान अपनी ही जमीन पर किरायेदार बन गया है –
सरकारी नीतियों की आलोचना करते हुए बेनीवाल ने कहा कि “आज का किसान बहुत परेशान है क्योंकि सरकार उसकी जमीन पर नज़रें गड़ाए बैठी है। कभी राष्ट्रीय राजमार्ग ,कभी अन्य सड़को,कभी सीमेंट कंपनी तो कभी अन्य योजनाओं के नाम पर किसानों की जमीनें अधिग्रहित की जाती हैं और उन्हें उचित मुआवजा तक नहीं मिलता,उन्होंने भारतमाला का उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान के किसानों को बहुत कम मुआवजा मिला |
किसानों के हित में तोड़ा था गठबंधन
बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हमेशा से किसानों और जवानों के हक की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने कहा, “जब केंद्र सरकार ने किसानों के खिलाफ तीन काले कानून लागू किए, तब हमने बिना देरी किए तत्काल एनडीए से गठबंधन तोड़ दिया। मैं चाहता तो सत्ता में रहकर लाभ उठा सकता था, लेकिन मैंने अपने किसान भाइयों के लिए सत्ता को ठुकरा दिया।”
नेताओं पर आरोप सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर जिले के पूर्व केंद्रीय मंत्रियों,सांसद व डेगाना के एक पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनकी मंशा नागौर के विकास को लेकर कभी रही नहीं,उन्होंने इंडिया बुल्स नामक कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब ईडी ने पीछा किया तो पार्टी बदलने पर कुछ नेता मजबूर हुए लेकिन जनता ने उन्हें फिर भी नकार दिया |
सांसद हनुमान बेनीवाल ने संबोधन के बाद लोगों को मौके पर बैठे रहने को कहा और यह भी कहा कि यहां कोई अधिकारी आकर बात नहीं करता है तो नागौर या अजमेर की तरफ कूच करेंगे ,खबर लिखे जाने तक बेनीवाल हजारों लोगों के साथ मौके पर चल रहे धरने में डटे रहे , खींवसर के पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल व मेड़ता की पूर्व विधायक इंदिरा देवी बावरी, रियां बड़ी के चेयरमैन सहित जिले के कई जन प्रतिनिधि मौजूद रहे|






