राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर को छोड़कर सभी जिलों में आज (गुरुवार) भी बारिश का येलो अलर्ट है। अजमेर और भीलवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
उधर, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही बारिश आफत बन गई है। कोटा, अजमेर, चित्तौड़गढ़, पाली, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, जोधपुर, उदयपुर, ब्यावर, झालावाड़, सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में बुधवार को तेज बारिश हुई थी।
चित्तौड़गढ़ में करीब 13 इंच तक बरसात दर्ज हुई। भीलवाड़ा, ब्यावर, पाली के कई इलाकों में 9 इंच तक पानी बरसा।
बुधवार (कल) को अजमेर में बारिश के दौरान तीन जगह दीवार गिर गई। दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अजमेर के कचहरी रोड पर पानी में वाहन फंस गए। कई गाड़ियां बह गईं।
टोंक में लांबाहरि सिंह क्षेत्र में एक फीट से ज्यादा पानी के बीच शवयात्रा निकालनी पड़ी। झालावाड़ में घुटनों तक भरे पानी में शादी की रस्में निभाई गईं।
पाली के सोजत क्षेत्र में गुड़िया और लीलड़ी नदी में पानी आया है। लीलड़ी नदी में महिलाओं ने चुनरी चढ़ाई। पाली में उदेशी कुआं गांव में गुड़िया नदी के पास टापू पर पति-पत्नी 15 बकरियों सहित फंस गए। पुलिस और लोगों ने उन्हें रेस्क्यू किया।
कोटा में मंदिर डूबे, हनुमानगढ़ में पुल धंसा
कोटा के मोड़क कस्बे में बाढ़ के हालात हैं। कोटा में घर, स्कूल, हॉस्पिटल, एटीएम, मंदिर तक में पानी भर गया है। चार-चार फीट तक पानी घरों में बह रहा है। कोटा बैराज के 19 में से 8 गेट खोले गए हैं।
चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में गूंजली नदी का पानी पुल के ऊपर तक बह रहा है। आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। जवाहर सागर बांध (चित्तौड़गढ़) के 2 गेट खोलकर 34 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
हनुमानगढ़ के पीलीबंगा इलाके में एक पुराना पुल (जाखड़ांवाली-हनुमानगढ़ मार्ग) धंस गया।
त्रिवेणी नदी का गेज 8 मीटर तक पहुंचा
राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी जिलों में हुई भारी बारिश के बाद चंबल, कालीसिंध समेत अन्य नदियों पर बने बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। भीलवाड़ा, ब्यावर में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण बीसलपुर बांध में पानी आवक तेज हो गई।
इससे बांध का जलस्तर 11 सेमी. से ज्यादा बढ़ गया। इस बांध में पानी लाने वाली त्रिवेणी नदी का गेज भी बढ़कर 8 मीटर पर पहुंच गया। शाम 6 बजे तक बांध का जलस्तर 312.67 आरएल मीटर तक पहुंच गया।
बांध से जुड़े इंजीनियर का कहना है कि त्रिवेणी का जलस्तर बढ़ने से अब बांध में पानी की आवक तेज होगी। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान बांध का गेज तेजी से बढ़ने की संभावना है।
चित्तौड़गढ़ में 320MM पानी बरसा
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात चित्तौड़गढ़ के बस्सी एरिया में 320MM दर्ज हुई। वहीं बेगूं में 123, चित्तौड़गढ़ शहर में 93MM पानी बरसा। भीलवाड़ा के हमीरगढ़ में 230, कोटड़ी में 115, भीलवाड़ा शहर में 190 और मांडलगढ़ में 87MM बरसात हुई।
जहाजपुर, शाहपुरा, बनेड़ा, आसींद में भी 2 से 3 इंच तक पानी बरसा। तेज बारिश के कारण चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।
इधर, ब्यावर के पास रायपुर में 244MM बरसात दर्ज हुई। जवाजा में 125, जैतारण में 185MM बरसात से जलभराव की स्थिति हो गई। पाली के सोजत में 150MM और मारवाड़ जंक्शन में 78MM बरसात दर्ज हुई।
राजस्थान में इस मानसून सीजन में 1 जून से 1 जुलाई तक सामान्य से 122 फीसदी ज्यादा बरसात हो चुकी है।





