जयपुर 8 जुलाई। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध माना बावजी मंदिर में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने 11 दिनों के भीतर ही सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्तों महेंद्र मीणा पुत्र धर्मा (18) निवासी गमेतीफला थाना धरियावद जिला प्रतापगढ़ एवं दिनेश मीणा पुत्र भैरू लाल (27) निवासी हवजीफला घाटा थाना लसाड़िया जिला सलूंबर को गिरफ्तार किया है, जिनसे चोरी किए गए चांदी के छत्तर बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसपी विनोद कुमार बंसल ने बताया कि यह घटना 26 जून की रात की है। नटेला गांव के आराध्य श्री माना बावजी मंदिर में अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोरों ने मंदिर के दो गेटों के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मंदिर के अंदर बांस पर लटक रहे चांदी के छोटे-बड़े छत्तर चुरा लिए। प्रार्थी नारूलाल मीणा (65) ने 27 जून को धरियावद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि चोरों ने करीब 200 से अधिक चांदी के छत्तर चुराए हैं, जिनका वजन 5 ग्राम से लेकर 250 ग्राम तक था। सुबह मंदिर की सफाई करने पहुंचे नारायण मीणा ने चौकीदारों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
इस पर एसपी बंसल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक परबत सिंह और सीओ धरियावद नानालाल सालवी के मार्गदर्शन और एसएचओ धरियावद कमलचंद मीणा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने आसपास के सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला और अपने मुखबिर तंत्र व आसूचना प्रणाली को सक्रिय किया। घटनास्थल के आसपास घटना वाली रात किसी भी अनजान व्यक्ति के आने-जाने की जानकारी जुटाई गई और थाना क्षेत्र के पुराने अपराधियों से भी गहन पूछताछ की गई।
जांच के दौरान पुलिस को महेंद्र मीणा और दिनेश मीणा पर शक हुआ। घटना के बाद से ये दोनों अपने ठिकानों से फरार थे। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर सोमवार 7 जुलाई की रात को दिनेश और महेंद्र को जंगल में स्थित एक खेत से हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनके खिलाफ जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
मामले में आगे की जांच जारी है और चोरी किए गए चांदी के छत्तर बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में एसएचओ कमल चंद मीणा सहित एएसआई नाथूलाल, हैड कांस्टेबल ललित कुमार, प्रकाश चंद्र, कांस्टेबल रमेशचंद्र, शिवालाल, सुरेंद्र कुमार एव साइबर सेल से कांस्टेबल रमेश कुमार शामिल थे।






