डीग, 08 जुलाईl पं. दीनदयाल उपाध्याय अत्योदय सम्बल पखवाड़ा के तहत मंगलवार को अटल सेवा केंद्र ग्राम पंचायत बिरहरु में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय पखवाड़ा शिविर में अर्जुन सिंह, भगवान सिंह, लक्ष्मण सिंह पिसरान हरीसिंह निवासी बिरहरू आपसी सहमति से विभाजन कराने हेतु कैंप में उपस्थित हुए।
विभाजन की कार्यवाही हेतु प्रार्थी द्वारा राजस्व टीम से संपर्क दिया। राजस्व टीम ने तत्परता दिखाते हुए रिकॉर्ड का अवलोकन किया तथा सहमति के अनुसार कुर्रे तैयार किये। राजस्व टीम द्वारा तीनों भाईयों द्वारा मौके पर की जा रही कब्जे काश्त के अनुसार खसरे आवंटित किये एवं मौके पर जाकर मेंड की स्थिति बनाई गयी। तीनों भाई उक्त विभाजन को लेकर काफी असमंजस में थे परन्तु राजस्व टीम ने बहुत ही पारदर्शिता एवं स्पष्टता के साथ मौके पर समस्या का निस्तारण कर दिया जिससे प्रार्थी पूर्णतया संतुष्ट हैं। तीनों भाइयों ने राज्य सरकार एवं राजस्व टीम को उक्त कार्य के बहुत आभार प्रकट करते हीं साथ ही राज्य सरकार से अपील की कि वे इस तरह के कैंपों का आयोजन भविष्य में भी हमारी ग्राम पंचायत में करवाए ताकि आमजन की समस्याओं का निस्तारण शीघ्रता एवं सुगमता से हो सके।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा 2025 शिविर ग्राम पडलवास में भी आयोजित हुआ। शिविर में ग्राम द्वारिकापुर सुकेती के खातेदार कुँवरसेन, भगवानदास पि. परभाती निवासी द्वारिकापुर सुकेती का विभाजन का विवाद काफी दिनों से लंबित चला आ रहा था। दोनों भाइयों को जब आज के शिविर के बारे मे जानकारी मिली तो दोनों भाई शिविर मे आए तथा उपखंड अधिकारी सीकरी के निर्देशन में तहसीलदार द्वारा पटवारी एवं गिरदावर से विभाजन तैयार कराया गया। मौके पर ही तहसीलदार द्वारा नामांतरण दर्ज करने के आदेश दिए गए। विभाजन आदेश से दोनों भाई खुशी से झूम उठे व राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे शिविर की प्रशंसा की।
ग्राम पंचायत पडलवास में ही शैकुल पुत्र ईसव, निवासी द्वारकापुर सुकेती ग्रां.पं. पडलवास ने अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया गया जिसमें विकास अधिकारी द्वारा शिविर में ही ग्राम विकास अधिकारी को उक्त जन्म प्रमाण पत्र बनाने हेतु कहा गया, ग्राम विकास अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों के आधार पर बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किये गये। पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाडा के अंतिम पंक्ति के आमजन को संबल प्रदान कर अंत्योदय के मूल उद्देश्य को सही मायने में साकार किया। शैकुल को अपने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र मिलने पर स्वामित्व का भावनात्मक अहसास हुआ, जिस पर उनके समस्त परिजनों के चेहरे पर मुस्कान आ गई तथा लाभार्थी शैकुल एवं उपस्थित समस्त ग्रामवासियों द्वारा राजस्थान सरकार, उपखण्ड प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन का शिविर आयोजन करने पर भावनात्मक धन्यवाद दिया गया।






