रणथम्भौर दुर्ग में टाइगर मूवमेंट लगातार बना हुआ था। यहां पिछले माह के अंतिम सप्ताह में भी यहां टाइगर मूवमेंट देखा गया था। जिसके बाद इस माह के पहले सप्ताह में प्रवेश शुरू किया गया था। दो-तीन दिन बाद प्रवेश शुरू रहने के बाद फिर से बुधवार को त्रिनेत्र गणेश के श्रद्धालुओं को प्रवेश से रोक दिया गया।
टाइगर गणेश आया दुर्ग में
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के ROPT (रेंज ऑफ टाइगर प्रोजेक्ट) रेंजर के अश्वनी प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह दुर्ग में टी—120 गणेश के आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम दुर्ग में पहुंची। टीम को यहां टाइगर टी-120 गणेश का मूवमेंट नजर आया। जिसके चलते एतिहात के तौर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। टाइगर का मूवमेंट जंगल की ओर होने के बाद फिर से यहां पर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
क्षतिग्रस्त दीवार के काम में हो रही है देरी
श्रद्धालुओं का कहना है कि रणथम्भौर दुर्ग की क्षतिग्रस्त दीवार का टेंडर हो चुका है और काम भी शुरू हो चुका है। लेकिन जहां से टाइगर आसानी से दुर्ग में पहुंच रहा है। उन दीवारों को सही नहीं किया जा रहा है। अगर इन दीवारों को पहले सही किया जाए तो टाइगर का मूवमेंट रोका जा सकता है।
सतपोल गेट की तरफ से भी आ रहा है टाइगर
लोगों की मानें तो रणथम्भौर दुर्ग के परिक्रमा मार्ग स्थित सतपोल के गेट के आगे एक छोटा दरवाजा है जो कि जंगल में परिक्रमा मार्ग में मिलता है। यहां इस गेट के आस पास दुर्ग के भीतर टाइगर बैठा हुआ देखा गया है। जिससे इस तरफ से भी टाइगर के आने की पुष्टि हुई है। लोगों ने मांग की है। इस गेट को तुरंत बंद किया जाए। जिससे टाइगर मूवमेंट की संभावना कम हो।






