छात्रसंघ चुनावों को लेकर कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के बयान को लेकर सियासी चर्चाएं शुरू हो गई है। पिछली सरकार की तरह मौजूदा सरकार में भी छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने की गलती दोहराने के सवाल पर किरोड़ी ने कहा कि कई बार जो गलती पहले वाले कर देते हैं, वो हम भी कर देते हैं, वैसे गलती रिपीट नहीं होनी चाहिए। गहलोत साहब भी कहते हैं हर गलती की सजा लंबी पूरी होती है, इतिहास उसे बख्शता नहीं है।
छात्रसंघ चुनावों करवाने या न करवाने के सवाल पर किरोड़ी ने कहा- छात्रसंघ चुनाव पर यह तो आप मुख्यमंत्री से पूछें, मैं तो कहने के लिए अधिकृत ही नहीं हूं। वो उलझा रहे हैं बोलो।
छह बार विधायक, तीन बार सांसद रहा लेकिन कभी छात्र राजनीति से जुड़ा नहीं रहा
किरोड़ी ने कहा- मैं छह बार एमएलए बन गया, तीन बार लोकसभा, राज्यसभा सांसद रहा हूं, लेकिन मैं छात्र राजनीति से बिल्कुल जुड़ा हुआ नहीं रहा। पर हां, छात्र राजनीत से बहुत से लोग एमएलए, एमपी और मंत्री बने हैं इसे नकारा जा सकता। मेरे जैसे बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो छात्र राजनीति से नहीं आए। कम से कम मैं उदाहरण हूं।
छात्रसंघ चुनाव बंद करने वाले किस मुंह से बात कर रहे हैं?
किरोड़ी ने कहा- छात्रसंघ के मामले में कमेंट नहीं कर सकते, उच्च स्तर से निर्णय होता है। जो लोग पिछले राज में छात्रसंघ चुनाव खत्म कर गए वो किस मुंह से इनकी बात कर हैं, यह समझ से बाहर हैं। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव क्यों रोका? लोकतंत्र में कोई कानून हाथ लेता है कार्रवाई होती है। गहलोत साहब कह रहे है। तो उन्होनें तोमेरे पर भी लाठियां बरसाई थी। कांग्रेस राज में मेरे पर उदयपुर में लाठियां बरसाई, सीकर जा रहा था तो वहां भी लाठियां बरसाई थीं।
छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने पर इशारों में उठाए सवाल
किरोड़ी के बयान को नसीहत के तौर पर देखा जा रहा है। किरोड़ी ने छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने के सरकार के फैसले को पिछली सरकार की गलती रिपीट करने के तौर पर देखा है। किरोड़ी ने इसकी जिम्मेदारी उच्च स्तर पर डज्ञलते हुए खुद का स्टैंड साफ करने का प्रयास किया है।






