अजमेर पुलिस को करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में वांछित पुलिस कॉन्स्टेबल पवन मीणा की अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में उसके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पवन का एक भाई पहले से ही जेल में बंद है, जबकि दूसरे छोटे भाई को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पवन और उसके भाइयों के सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। करीब तीन महीने पहले पुलिस ने सरकारी टीचर और पवन के बड़े भाई कुलदीप को गिरफ्तार किया था। हाल ही में छोटे भाई प्रदीप को भी पकड़ा गया। फिर भी मामले का मास्टर माइंड कॉन्स्टेबल पवन मीणा पुलिस की पकड़ से दूर है।
पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि फरार कॉन्स्टेबल अपने रिश्तेदारों और जानने वालों से भी किसी प्रकार का संपर्क नहीं कर रहा है। ऐसी स्थिति में पुलिस के लिए पवन की लोकेशन का पता लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
क्लॉक टावर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया-
आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल पवन के दो भाईयों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपी पवन किसी से कॉन्टेक्ट ही नहीं कर रहा। इसलिए लोकेशन ट्रेस होने में दिक्कत हो रही है। लेकिन पुलिस पूरे प्रयास कर रही है और जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी व उसके भाईयों के बैंक खाते फ्रिज कर दिए है।

क्लॉक टावर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था मदनगंज-किशनगढ़ के कॉन्स्टेबल दीपक वैष्णव ने क्लॉक टावर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। शिकायत में बताया कि आरोपी पवन मीणा व कुलदीप मीणा द्वारा बताया गया कि हाईवे पर बेशकीमती जमीनें परिचित व रिश्तेदारों की हैं। इसके अलावा ऐसी जमीनें जहां से मास्टर प्लान में बाईपास निकलकर हाईवे से लिंक होगा, इसकी जानकारी बड़े भाई कुलदीप को है।
यहां जमीनों को कौड़ियों के दाम पर बहुत सस्ती रेट पर दिलवा कर दोगुनी तिगुनी कमाई करवा देगा। एक करोड़ की व्यवस्था कर ली है और एक करोड़ की व्यवस्था और करवा दो। कॉन्स्टेबल पवन मीणा और उसके भाई कुलदीप मीणा ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर एक करोड़ रुपए हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों से की ठगी
राजस्थान में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से करोड़ों की ठगी करने वाले पवन ने एक कंपनी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर चार गुना मुनाफे का लालच दिया। दावा करता था कि कुछ ही महीने में सभी पुलिसकर्मियों को करोड़पति बना देगा। झांसे में आए किसी पीड़ित ने घर-जमीन बेचकर पैसा लगाया। किसी ने पत्नी के गहनों पर लोन उठाकर इन्वेस्ट किया। एक पुलिसकर्मी ने तो 1 करोड़ रुपए ठग को इन्वेस्ट के लिए दिए थे। फिलहाल, ठगी को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड फरार है।
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