जयपुर के व्यस्ततम मार्गों और रेलवे फाटकों पर रोज लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट्स की योजना तैयार की है। इन प्रोजेक्ट्स पर कुल 500 से 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे और सभी अगले दो से तीन महीने में शुरू होकर ढाई से तीन साल में पूरे किए जाएंगे। निर्माण पूरा होने के बाद रोजाना लाखों वाहनों को 20-30 मिनट तक की ट्रैफिक से राहत मिलेगी।
✅प्रोजेक्ट 1; सालिग्रामपुरा आरओबी
स्थान: जयपुर-सवाईमाधोपुर रेलवे लाइन, सालिग्रामपुरा फाटक स्थिति: पाइल टेस्टिंग व लेवल माप का काम शुरू लंबाई: 700 मीटर चौड़ाई: 4 लेन लागत: ₹77.91 करोड़ लाभ: दिनभर में 40–50 हजार वाहन जाम से बचेंगे टोंक रोड से महल रोड तक मिलेगा जाम-फ्री रूट निर्माण कार्य प्रारंभ: अगले सप्ताह निर्माण पूर्ण होने की अवधि: अगस्त 2027
प्रोजेक्ट 2: सीबीआई फाटक आरओबी
स्थान: जगतपुरा, इंदिरा गांधी नगर से कनेक्टिविटी स्थिति: पाइल टेस्टिंग जारी लंबाई: 600 मीटर चौड़ाई: 4 लेन लागत: ₹60–70 करोड़ लाभ: दिनभर में 25–30 बार फाटक बंद, 50 हजार वाहन प्रभावित इंदिरा गांधी नगर और मालवीय नगर को सीधा जोड़ेगा निर्माण पूर्ण होने की अवधि: जुलाई 2027
प्रोजेक्ट 3: सांगानेर एलिवेटेड रोड
स्थान: टोंक रोड से चौरडिया पेट्रोल पंप तक स्थिति: टेंडर स्क्रूटनी जारी, दिवाली तक कार्य प्रारंभ लंबाई: 2 किमी चौड़ाई: 4 लेन लागत: ₹230 करोड़ लाभ: न्यू सांगानेर रोड और मालपुरा गेट की कनेक्टिविटी 1.5 लाख वाहनों को रोज राहत निर्माण पूर्ण होने की अवधि: 2028 तक
प्रोजेक्ट 4: गुर्जर की थड़ी एलिवेटेड रोड
स्थान: गोपालपुरा बाईपास, त्रिवेणी पुलिया से गुर्जर की थड़ी स्थिति: काम अगले महीने शुरू होगा लंबाई: 2.1 किमी चौड़ाई: 4 लेन लागत: ₹180 करोड़ लाभ: 3 लाख वाहन चालकों को मिलेगी राहत 15-20 मिनट की जगह 5 मिनट में सफर, 4 प्रमुख तिराहों/चौराहों पर जाम से राहत निर्माण पूर्ण की अवधि: 30 महीने (लगभग मार्च 2028)





