प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) एवं राज्य विद्युत उत्पादन निगम के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत तेलंगाना सरकार से संयुक्त उद्यम कम्पनी के शीघ्र गठन करने का आग्रह किया है।
मंत्री नागर ने गुरुवार को हैदराबाद में तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विक्रमार्क का ध्यान तेलंगाना सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी एससीसीएल तथा राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के बीच इस वर्ष मार्च माह में हुए एमओयू की ओर आकृष्ट किया।
मंत्री नागर ने बताया कि समझौते के तहत तेलंगाना में पिट हैड पर 800 मेगावाट की कोयला आधारित तापीय विद्युत परियोजना तथा राजस्थान में 1500 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की जानी है। उन्होंने बताया कि समझौते के अन्तर्गत संयुक्त उद्यम कम्पनी के गठन को राजस्थान सरकार के मंत्रीमण्डल ने नवम्बर माह में ही स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित संयुक्त उद्यम कम्पनी में एससीसीएल की अंशधारिता 74 प्रतिशत तथा राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम की अंशधारिता 26 प्रतिशत रखी गई है। इन परियोजनाओं की स्थापना से राज्य में बिजली की बेस लोड डिमाण्ड को पूरा किया जा सकेगा तथा प्रदेश की सौर ऊर्जा संभावनाओं का उपयोग हो सकेगा। उन्होंने विक्रमार्क से इस संबंध में एससीसीएल को संयुक्त उद्यम कम्पनी के शीघ्र गठन के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया।






