जयपुर राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल के क्रियान्वयन को लेकर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से महत्वपूर्ण सवाल लगाए। राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत यूएलए मॉडल से देश के गरीब और आम परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। राठौड़ के सवाल के जवाब में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने कहा कि यूएलए मॉडल का मुख्य लक्ष्य डिस्कॉम और राज्य-स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से कम आय वाले परिवारों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने घर की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर मुफ्त बिजली का लाभ ले सकें।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि भारत सरकार गरीब परिवारों तक मुफ्त सौर ऊर्जा पहुंचाने के लक्ष्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। इस दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लागू किए जा रहे यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल को सदन में विशेष रूप से उठाया गया। कार्य को आसान और मजबूत बनाने के लिए मंत्रालय ने परिचालन दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। इसके साथ ही भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु पेमेंट रिलीज़ मैकेनिज्म अधिसूचित किया गया है, जिसके अनुसार सत्यापन के तुरंत बाद केंद्रीय वित्तीय सहायता सीधे वेंडर के बैंक खाते में भेजी जाती है। सीएफए (केंद्रीय वित्तीय सहायता) एक ही किस्त में तब जारी होती है, जब रूफटॉप सौर संयंत्र का सफलतापूर्वक स्थापन,परीक्षण और संचालन पूरा हो जाता है। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार और देरी पर प्रभावी रोक लगाती है और जनता को शीघ्र लाभ सुनिश्चित करती है जो मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि यूएलए मॉडल को अभी तक 9 राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों में सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है।इसमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा,असम, केरल, जम्मू-कश्मीर, अंडमान एवं निकोबार, लद्दाख, दादरा-नगर हवेली-दमन-दीव और तेलंगाना शामिल हैं। इन राज्यों में कुल 10,37,543 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो भविष्य में लाखों परिवारों को सशक्त बनाने वाला कदम है।यह संकेत है कि आने वाले महीनों में इसका विस्तार और गति और बढ़ने वाली है। राठौड़ ने कहा की निस्संदेह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और गरीब परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लक्ष्य के साथ यह योजना एक ऐतिहासिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त कर रही है।






