भरतपुर में सरकारी टीचर के मकान में रसोई गैस सिलेंडर में रिसाव के बाद धमाके से आग लग गई। हादसे में टीचर, उसकी पत्नी, बेटा और पड़ोसन झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि दीवारों में दरारें आ गईं। लकड़ी का दरवाजा टुकड़े-टुकड़े हो गया। खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए।
हादसा मथुरा गेट थाना इलाके की पुष्प वाटिका कॉलोनी में गुरुवार दोपहर 12 बजे हुआ। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़े और घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया। सभी लोग 30 से 70 प्रतिशत तक झुलस गए, जिनका प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

2 साल से किराए के मकान में रह रहा था परिवार थानाधिकारी दिलावर सिंह भाटी ने बताया- धौलपुर निवासी जितेंद्र (28) सरकारी टीचर हैं, जो ऊंचा नगला (भरतपुर) के एक स्कूल में पोस्टेड है। वह 2 साल से परिवार के साथ भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके की पुष्प वाटिका कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है।
गुरुवार दोपहर को खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया तो सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इस दौरान घर में मौजूद जितेंद्र सिंह, उसकी पत्नी आरती (30), 10 महीने का बेटा हर्ष और आरती से बातें कर रही पड़ोसन गुड्डी देवी झुलस गए। जितेंद्र 30%, आरती 40% और हर्ष 70% झुलस गया, जबकि गुड्डी देवी का चेहरा और दोनों हाथ झुलस गए। आरती और हर्ष की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जैसे ही लाइटर जलाया, धमाका हुआ हादसे में घायल गुड्डी देवी ने बताया- मैं जितेंद्र के पड़ोस में रहती हूं। आरती ने मुझे अपने घर बुलाया था तो मैं उसके घर गई। दोपहर करीब 12 बजे हम दोनों दरवाजे पर खड़े-खड़े बात कर रहे थे। इस दौरान गैस की बदबू आ रही थी। कुछ देर बाद धमाका हुआ और आग फैल गई।
3 दिन पहले ही लिया था सिलेंडर गुड्डी ने बताया- 3 दिन पहले ही जितेंद्र ने इंडियन गैस एजेंसी से सिलेंडर लिया था। सिलेंडर लगाने के बाद से ही बार-बार गैस बंद हो रही थी। यह बात जितेंद्र ने बताई थी। मैंने उनसे कहा था कि मेरे बेटे के साथ एजेंसी जाकर सिलेंडर बदलवाकर आ जाएं।
खिड़की-दरवाजे के परखच्चे उड़े पड़ोसी विश्वेंद्र सिंह ने बताया- जितेंद्र के घर में खाना बनाने की तैयारी थी। आरती घर के गेट पर खड़ी होकर पड़ोसन गुड्डी से बात कर रही थी। बेटा हर्ष आरती की गोद में था। इस दौरान जितेंद्र दूध गर्म करने के लिए रसोई में गया था। उसने जैसे ही लाइटर जलाया, ब्लास्ट हो गया।
उन्होंने बताया- धमाके की आवाज सुनकर हम जितेंद्र के घर पहुंचे तो फर्श जला हुआ था। प्लास्टिक का हर आइटम पिघला हुआ था। खिड़की-दरवाजे के परखच्चे उड़े हुए थे। हमने सभी घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी।
हादसे के बाद की तस्वीरें…











