स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फेक बीएससी की डिग्री उपलब्ध करवाने वाले शातिर को अरेस्ट किया है। पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में डमी कैंडिडेट बैठाकर एग्जाम पास करने वाले को नौकरी लगवाने के लिए फेक डिग्री दिलवाई थी। एसओजी टीम फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- बीएससी की फेक डिग्री दिलवाने के मामले में आरोपी मांगीलाल मीणा निवासी शेरगढ़ खातोली कोटा को अरेस्ट किया है। कॉम्पिटिशन एग्जाम में पारदर्शिता के लिए पिछले पांच साल के अभ्यर्थियों के डॉक्युमेंट की जांच बूंदी में गठित आंतरिक कमेटी कर रही है।
अभ्यर्थी बलराम मीणा के आवेदन-पत्र पर लगे फोटो और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी के फोटो-साइन में मिलान नहीं पाया गया। शक के आधार पर एसओजी मुख्यालय को रिपोर्ट बनाकर भेजी गई। एसओजी की ओर से साल-2024 में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई।
असल-डमी दोनों को पकड़ा
एसओजी जांच में सामने आया कि आरोपी अभ्यर्थी बलराम मीणा ने डमी कैंडिडेट बैठाकर पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 को पास कर सरकारी नौकरी पाई है। डमी कैंडिडेट के रूप में उमेश कुमार चौधरी ने एग्जाम देकर पास करवाया। अभ्यर्थी बलराम मीणा को डमी कैंडिडेट से मिलवाने वाला मनफूल सिंह धायल होना पता चला। एसओजी ने कार्रवाई करते हुए डमी कैंडिडेट उमेश चौधरी और मिडियेटर मनफूल सिंह धायल को अरेस्ट कर जेसी भेजा।
डिग्री भी मिली फर्जी
एसओजी की ओर से अग्रिम जांच के दौरान अभ्यर्थी बलराम की डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के समय में पेश की बीएससी डिग्री भी फर्जी पाई गई। आरोपी अभ्यर्थी बलराम से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने फर्जी डिग्री आरोपी मांगीलाल मीणा से मिलना बताया। एसओजी की ओर से दबिश देकर आरोपी मांगीलाल मीणा को अरेस्ट किया गया। एसओजी टीम आरोपी मांगीलाल मीणा से पूछताछ कर फेक डिग्री के गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही है।





