Home » राजस्थान » औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की बड़ी कार्रवाई नकली दवा विक्रेता फर्म से 3.73 करोड़ की दवा जब्त

औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की बड़ी कार्रवाई नकली दवा विक्रेता फर्म से 3.73 करोड़ की दवा जब्त

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में नकली दवाओं के निर्माण एवं कारोबार पर निरंतर सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय द्वारा शुक्रवार रात जयपुर स्थित एक फर्म पर कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 73 लाख रूपए की दवाएं जब्त की गईं।

आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि जीके एंटरप्राइजेज, जयपुर पर कार्रवाई करते हुए लगभग 3.73 करोड़ रूपए की दवाइयों को जब्त किया गया है। अजय फाटक , ओषधि नियंत्रक ने बताया कि यह फर्म नकली एवं ग़ैर-मानक घोषित दवाओं टेबलेट विनसेट-एल एवं एल्गीविन—एम की बिक्री में संलिप्त पाई गई है। जो कि वाईएल फार्मा, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा निर्मित की गई हैं।

टेबलेट विनसेट—एल दवा की जांच के दौरान कोमल रूपचंदानी, ओषधि नियंत्रण अधिकारी को जाँच के दौरान फर्म के एक पूर्व भागीदार गिरिराज अजमेरा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में जी के एंटरप्राइजेज से अपनी भागीदारी छोड़ दी थी। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियम, 1945 के अनुसार, फर्म की संरचना (Constitution) में परिवर्तन होने पर 03 माह के भीतर नया लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है। किंतु शेष भागीदार खेमचंद द्वारा अब तक किसी प्रकार का लाइसेंस प्राप्त नहीं किया गया ।इस आधार पर डीसीओ कोमल रूपचंदानी एवं अशोक कुमार मीणा की टीम ने खेमचंद के विरुद्ध बिना लाइसेंस संचालित औषधीय गतिविधियों का प्रकरण दर्ज किया है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

Top Headlines

सीकर में प्रवर्तन निदेशालय में राहत दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी उत्तम पाण्डेय गिरफ्तार

*सीकर में प्रवर्तन निदेशालय में राहत दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी उत्तम पाण्डेय