प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। छोटे-बड़े वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख दी जा रही है। इसी बीच, भास्कर ने साल 2024 से इस साल सितंबर तक के सड़क हादसों के आंकड़ों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पिछले साल सड़क हादसों में 8 हजार 576 लोगों की जान गई। जबकि, इस साल सितंबर तक ये आंकड़ा 8 हजार 787 तक पहुंच गया। यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल 9 माह में ही मौतों में 2.46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर तक मौतों की संख्या 10 हजार तक पहुंचने की आशंका है।
घायलों की बात करें तो पिछले साल 17 हजार 484 लोग शिकार हुए थे। जबकि, इस साल सितंबर तक 16 हजार 858 लोग घायल हो चुके हैं। यानी 9 माह तक तो 3.85% की कमी आई है। हालांकि, साल के अंत तक ये आंकड़ा बढ़ सकता है। जिले की बात करें तो उदयपुर में पिछले साल सड़क हादसों में 417 लोग मारे गए और 760 लोग घायल हुए। जबकि, इस साल सितंबर तक 369 मौतें हुईं और 906 लोग घायल हुए। ऐसे में मौतों के आंकड़ों में सितंबर तक 11.51% प्रतिशत कमी आई है। इसके उलट घायलों में 19.21% वृद्धि हुई है।
मौतों के मामले में 2024 से उदयपुर तीसरे नंबर पर बरकरार
सड़क हादसों में साल 2024 में सबसे ज्यादा 1733 मौतें जयपुर रेंज में हुई। 1426 मौतों के साथ अजमेर दूसरे और 1335 मौतों के साथ उदयपुर तीसरे स्थान पर रहा। इस साल सितंबर तक जयपुर मौतों के मामले में 9.98% वृद्धि के साथ 1906 पर पहुंच गया। जबकि, उदयपुर और अजमेर में मौतों के आंकड़ों में कमी आई है। अजमेर में इस साल 0.49% कमी के साथ 1419 मौतें और उदयपुर में 5.84% कमी के साथ 1257 मौतें हुई। ऐसे में उदयपुर पिछले साल से अब तक प्रदेश में तीसरे नंबर पर बरकरार है।
घायलों में उदयपुर 2024 में तीसरे नंबर पर था, इस साल दूसरे पर आया पिछले साल प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा 3 हजार 457 घायल जयपुर रेंज में सामने आए थे। इसके बाद अजमेर रेंज में 2576 और तीसरे नंबर पर रही उदयपुर रेंज में 2549 लोग घायल हुए थे। इस साल सितंबर तक घायलों की संख्या में जयपुर में 1.10%, अजमेर में 0.34% और उदयपुर में 5.65% बढ़ोतरी दर्ज हुई। यानी जयपुर में 3 हजार 495, अजमेर में 2 हजार 333 और उदयपुर में 2 हजार 639 घायल हुए। यानी पिछले साल की तुलना में उदयपुर तीसरे स्थान से दूसरे स्थान पर आ गया, जबकि अजमेर तीसरे स्थान पर खिसक गया। जयपुर पहले नंबर बना हुआ है।






