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वन रक्षक भर्ती पेपरलीक का इनामी मुख्य आरोपी गिरफ्तार:50 हजार का इनाम घोषित था, ATS और SOG की संयुक्त टीम ने गुजरात से दबोचा

वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2020 पेपर लीक मामले में इनामी मुख्य आरोपी को गुजरात से दबोचा। गुजरात एटीएस और राजस्थान एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। अब आरोपी को गुजरात से बांसवाड़ा लाया जा रहा है। आरोपी जबराराम पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।

मामले का मुख्य आरोपी जबराराम एक सरकारी शिक्षक है, जिसके पास वन रक्षक परीक्षा का पेपर सबसे पहले आया था। इस कार्रवाई को एडीजी विशाल बंसल के निर्देश और डीआईजी परिस देशमुख के सुपरविजन में अंजाम दिया गया।

13 नवंबर 2022 को दो पारियों में वन रक्षक भर्ती 2020 की परीक्षा हुई थी। पेपर गुजरात के पालनपुर और अहमदाबाद से लीक हुआ था। यह राजस्थान में पहला ऐसा मामला था, जब आरोपियों को दूसरे राज्य से परीक्षा का पेपर मिला।

मुख्य सरगना ने होटल गीतांजलि में हल किया हुआ दिया था पेपर

बता दें कि पेपर लीक गिरोह के मुख्य सरगना जबराराम जाट बाड़मेर निवासी ने किसी को संदेह न हो, इसके लिए अपने साथी कंवराराम (शराब तस्कर) को पालनपुर की होटल गीतांजलि में हल किया हुआ पेपर दिया था। वहीं, हरीश सारण (उदयपुर में सरकारी शिक्षक, बाड़मेर निवासी) को अहमदाबाद में हल किए हुए प्रश्न पत्र सौंपे गए थे।

गिरोह की एक टीम ने जोधपुर में भी अभ्यर्थियों को पढ़ाए थे पेपर

पालनपुर से कंवराराम उदयपुर पहुंचा और अपने दोस्त सांवलाराम जाट के किराए के मकान में अभ्यर्थियों को हल प्रश्न पढ़ाए। अहमदाबाद से हरीश सारण बांसवाड़ा पहुंचा और वहां दो अलग-अलग मकानों में परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को हल प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए। कंवराराम ने उसी दिन हल किए हुए पेपर राजसमंद भी पहुंचाएं थे। इसी गिरोह की एक टीम ने जोधपुर में भी अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाए थे।

एसओजी की ओर से बांसवाड़ा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में हुए थे खुलासे

परीक्षा के दिन बांसवाड़ा और उदयपुर में दो-दो जगहों पर, जबकि राजसमंद और जोधपुर में एक-एक जगह पर अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाए गए थे। इनमें जालोर, बाड़मेर और बालोतरा के कई अभ्यर्थी शामिल थे। जबराराम ने इस काम के लिए कंवराराम को 2.50 लाख रुपए दिए थे। ये सभी खुलासे एसओजी की ओर से बांसवाड़ा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में हुए थे।

वनरक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में वाणिज्य कर विभाग (सर्कल-E) में UDC के पद पर कार्यरत गोविंद तेतरवाल को पांच महीने पहले गिरफ्तार किया गया था।
वनरक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में वाणिज्य कर विभाग (सर्कल-E) में UDC के पद पर कार्यरत गोविंद तेतरवाल को पांच महीने पहले गिरफ्तार किया गया था।

ये थे इस मामले में नामजद आरोपी

गिरफ्तार किए गए 31 आरोपियों में मास्टरमाइंड शिक्षक जबराराम जाट, हरीश उर्फ हीरराम सारण, सांवलाराम जाट, कंवराराम जाट, कांस्टेबल भीयाराम और कांस्टेबल लिखमाराम बाड़मेर के निवासी है। पालनपुर, गुजरात में स्टेशन मास्टर कंवराराम चौधरी बालोतरा से, रमेश कुमार जाणी जालोर से और कांस्टेबल कमलेश जालोर का रहने वाला है।

इनके अलावा गोविंद तेतरवाल जाट, पटवारी चनानाराम मेघवाल, प्रमोद कुमार, उमाराम, प्यारी जाट, ओमप्रकाश जाट, कांस्टेबल धन्नाराम, कांस्टेबल बांकाराम, जालोर से पुष्पा डूडी, ओकाराम सुथार, बालोतरा के रमेश सुथार और बाड़मेर का नरेश देव उर्फ एनडी सारण सहित अन्य भी नामजद है।

बांसवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और जोधपुर में अभ्यर्थियों को पढ़वाया पेपर

बांसवाड़ा: हरीश सारण परीक्षा के दिन दोनों पारियों का पेपर पढ़ाने डूंगरपुर के जेईएन अभिमन्यु सिंह के साथ बांसवाड़ा आया। पहली पारी का पेपर बांसवाड़ा के अंहिसापुरी काॅलोनी में एजेंट छगन पारगी के मकान में और दूसरी पारी का पेपर प्रवीण मालवीया के हाउसिंग बोर्ड स्थित मकान में पढ़वाया। हर अभ्यर्थी से 8 लाख रुपए लिए थे।

उदयपुर: उदयपुर के टेकरी गागरियावास में आरोपी कंवराराम जाट सांवलाराम जाट के किराए के मकान में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर पढ़वाया। यहां कंवराराम जाट मोबाइल में पेपर लेकर आया और प्रिंटर से उसकी कॉपियां निकाली। इस दौरान कंवराराम जबराराम की ओर से दिया गया मोबाइल सांवलाराम की दुकान पर ही छोड़ दिया।

राजसमंद: सांवलाराम कांस्टेबल कमलेश की कैंडिडेट पुष्पा और कांस्टेबल देवाराम के कैंडिडेट ओंकाराम को उदयपुर से राजसमंद जाते समय कमलेश की कार में पेपर पढ़वाया। करनी पैलेस होटल में रेशमी को पहली पारी का पेपर पढ़वाया।

जोधपुर: गैंग से पेपर पढ़वाने के इनपुट मिले हैं। एसओजी गिरफ्तारी करने वाली है।

गिरोह में 4 कांस्टेबल, 3 शिक्षक और 3 वन रक्षक

हरीश और जबराराम परिचित है। आरोपी रमेश जाणी हरीश का भांजा है। रमेश कंवराराम का ड्राइवर है। केस दर्ज हाेने के बाद उदयपुर में सांवलाराम के पास हरीश मोबाइल छोड़ गया था।​​​ एसओजी ने मोबाइल जोधपुर में रमेश के मित्र से बरामद किया था। सांवलाराम कंवराराम का रिश्तेदार है। आरोपी कांस्टेबल देवाराम और सांवलाराम दोस्त है। देवाराम का दोस्त कांस्टेबल कमलेश था। सांवलाराम ने दोनों कांस्टेबलों काे पेपर लीक में अभ्यर्थी लाने के लिए मिलाया था।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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