जयपुर नगर निगम में पिछले दो सालों से लोगों के काम लटके पड़े हैं, और सबसे खराब स्थिति फायर शाखा में नजर आ रही है। निगम की एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि यहां सैकड़ों फायर एनओसी के आवेदन धूल फांक रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फायर शाखा में 250 से ज्यादा मामले अभी भी पेंडिंग हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने रिव्यू किया और लंबे समय से अटकी फाइलों को जल्द निपटाने के सख्त निर्देश दिए थे।
दरअसल, इन 250 से ज्यादा पेंडिंग फाइलों में से लगभग 125 ऐसे मामले हैं, जिनकी आवेदन अवधि 30 दिन से भी कम की है। वहीं, करीब 100 आवेदन ऐसे हैं, जिन्हें 30 दिन से ज्यादा समय हो चुका है।
आज भी कई आवेदन ऐसे लटके हैं, जो भजनलाल सरकार के सत्ता में आने के कुछ महीनों बाद ही दाखिल किए गए थे। इनमें से कुछ को दो साल या एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन अब तक उनका निपटारा नहीं हुआ। इसके उलट, कुछ प्रकरणों में फाइल दाखिल होने के महज 14 दिनों में ही एनओसी जारी कर दी गई। यहां तक कि एक ही दिन में फाइल को 6-6 अधिकारियों से अप्रूवल दिलवा दिया जाता है।

कुछ फाइलों के निपटारे में शिकायते भी मिली
नगर निगम की प्रशासक और संभागीय आयुक्त पूनम ने बताया कि उन्हें फायर शाखा में फाइलों के डिस्पोजल को लेकर कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच वे करवाएंगी। उन्होंने कहा कि हमने समीक्षा करवाई है और निर्देश दिए हैं कि लंबे समय से पेंडिंग मामलों को जल्द पूरा करें। साथ ही, 30 दिन की डेडलाइन का सख्ती से पालन करें और फाइलों का निपटारा फीफो (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट) आधार पर करें।
प्रशासक ने बताया कि फाइलों की लौटा-फेरी हो रही है,कार्मिक उन्हें वापस भेज रहे हैं, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा फाइलें कार्मिक स्तर पर अटकी हैं। अगर कोई कार्मिक फाइल की सही से जांच करके आगे प्रोसेस नहीं कर रहा है, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
2 साल तक घुमाते रहे, फिर कर दी निरस्त
पिछले दिनों कुछ ऐसी फाइलों को निरस्त किया गया, जो पिछले एक साल या उससे भी ज्यादा अवधि से पेंडिंग चल रही है। इनमें फायर फाइटिंग उपकरण प्रॉपर नहीं होने और नियमों का हवाला देकर निरस्त किया गया। एक फाइल ताे ऐसी थी, जो 680 से ज्यादा दिन से पेंडिंग थी, लेकिन बाद में वाटर टैंक कैपेसिटी थोड़ी कम होने का हवाला देकर निरस्त किया गया।
सबसे ज्यादा बाबूओं के यहां लंबित
रिपोर्ट देखे तो 255 में से सबसे ज्यादा 124 फाइलें ऐसी हैं, जो डिलिंग बाबू (डीए) के स्तर पर पेंडिंग है। बाबू उन्हीं फाइल को आगे मूव करते हैं, जिन पर ऊपर से निर्देश होते हैं। इसके अलावा 45 से ज्यादा फाइलों चीफ फायर ऑफिसर (सीएफओ) और 30 से ज्यादा फाइलें उपायुक्त फायर (डीसी) के स्तर पर पेंडिंग पड़ी है।





