नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शुक्रवार को सुशासन सप्ताह के तहत कोटा विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम कोटा द्वारा आयोजित शहरी समस्या समाधान शिविरों का अवलोकन किया।
कोटा विकास प्राधिकरण में आयोजित शहरी समस्या समाधान शिविर का अवलोकन करने के बाद श्री खर्रा ने कहा कि पूर्व में आयोजित शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से आई समस्याओं के निस्तारण में आई कठिनाईयों को दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रथम फॉलो-अप शिविर आयोजित किए गए। दूसरी बार आयोजित किए जा रहे फॉलो-अप शिविर में सभी शहरी नगर निकायों एवं शहरी विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन दर्ज प्रकरणों क शत्-प्रतिशत निस्तारण इन फॉलो-अप कैम्पों में किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिनके आवेदन नियमानुसार हैं उनका शिविर में हर हाल में निस्तारण किया जाए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी है तो संबंधित व्यक्ति को लिखित रूप से अवगत कराया जाए कि किन कमियों के कारण आवेदन का निस्तारण संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन आवेदनों को समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो।
केडीए के शिविर का अवलोकन करने के बाद यूडीएच मंत्री खर्रा ने नगर निगम कोटा द्वारा आयोजित शहरी समस्या समाधान शिविर का भी अवलोकन किया और विभिन्न काउंटरों पर जाकर आमजन की समस्या के निस्तारण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई स्टॉल का भी अवलोकन किया।
मंत्री खर्रा ने कहा कि कोटा शहर स्वच्छ रहे और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था हो यह नगर निगम एवं कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम आने से पहले नालों पर अतिक्रमण हटाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए ताकि नालों को समय पर सफाई हो सके और शहर में जल भराव की स्थिति नहीं बने। उन्होंने लम्बित ऑनलाइन आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के भी निर्देश दिए।
शिविर के दौरान पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थी सब्जी विक्रेता दीपू जांगिड़ को 50 हजार रुपये की तीसरी किश्त, सब्जी विक्रेता मीना भार्गव को 25 हजार रुपये की द्वितीय किश्त तथा प्रेम बाई को 15 हजार रुपये की प्रथम किश्त का चेक सौंपा। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि शहरी समस्या समाधान शिविर में पिछले तीन दिन में 64 आवेदन ऑनलाइन करवाए गए और 32 आवेदकों को पीएम स्वनिधि योजना की प्रथम किश्त 15 हजार स्वीकृत करते हुए कुल 4 लाख 80 हजार रुपये के ऋण वितरित किए गए।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना में वर्ष 2025-26 में अभी तक एक लाख 24 हजार 87 मानव दिवस सर्जित किए गए, 2 हजार 618 श्रमिक लाभान्वित हुए। इनमें से 332 श्रमिकों को 100 से अधिक दिन का रोजगार मिला। उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना में अभी तक कुल 23 हजार 385 लाभार्थियों को ऋण वितरित किए जा चुके हैं।






