सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल करने और धमकी देकर ब्लैकमेल करने के करीब 37 % मामले झूठे निकले हैं। प्रदेश में दो साल में ऐसे 1360 केस दर्ज कराए गए, जिनमें पुलिस ने जांच की ताे झूठे निकलने पर 400 केस में पुलिस ने एफआर लगा दी। जांच में सामने आया कि ये केस सामने वाले पक्ष को ही ब्लैकमेल करने के लिए दर्ज कराए गए थे या फिर झूठी जानकारी देकर एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं 682 एफआईआर में पुलिस ने चालान पेश कर दिया और 278 मामलों में फिलहाल जांच चल रही है।
जयपुर, नागौर में सबसे ज्यादा ब्लैकमेलिंग के केस
प्रदेश में अश्लील वीडियो वायरल करने और धमकी देकर ब्लैकमेल करने के केस सबसे ज्यादा जयपुर और नागौर जिले में दर्ज हो रहे हैं। 1 सितंबर 2023 से 31 अगस्त 2025 तक के आंकड़े देखें तो जयपुर में (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम व ग्रामीण) 165 और नागौर में 100 केस दर्ज हुए। प्रदेश में जिन केसों की जांच हो चुकी है, उनमें से करीब 37 प्रतिशत में एफआर लग चुकी है। वहीं जिन केसों में पुलिस ने चालान पेश किया है उनमें 929 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 4 आरोपियों पर कोर्ट से दोष सिद्ध हुआ है।
“अश्लील फोटो या वीडियो वायरल की धमकी देकर ब्लैकमेल के मामलों में सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। मॉनिटरिंग के लिए हर जिले में सायबर सेल है, जिनमें डिप्टी एसपी नोडल अधिकारी होते हैं।”






