‘सरकार जनता के द्वार’ की परिकल्पना को साकार करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) राजकुमार कस्वां ने कुम्हेर तहसील के ग्राम कूम्हा में रात्रि चौपाल आयोजित कर सुशासन की एक नई मिसाल पेश की।कड़ाके की सर्दी के बीच आयोजित इस चौपाल में एडीएम ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन को तत्काल राहत पहुंचाएं।उनकी इस सक्रियता से ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान और प्रशासन के प्रति विश्वास साफ नजर आया।
विभागीय शिकायतों का लेखा-जोखा:रसद विभाग रहा केंद्र में
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी।एडीएम कस्वां ने एक-एक परिवाद को गंभीरता से सुना। चौपाल में मुख्य रूप से निम्न विभागों की शिकायतें प्राप्त हुईं:
रसद विभाग: सर्वाधिक 07 परिवाद (राशन कार्ड, खाद्य सुरक्षा)।
राजस्व विभाग: 04 परिवाद (नामांतरण, सीमा ज्ञान)।
विद्युत विभाग: 03 परिवाद (बिजली आपूर्ति, बिल)।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग : 02 परिवाद (जलापूर्ति)।
धर्मपाल सिंह की पीड़ा पर एडीएम का ‘एक्शन’
चौपाल में परिवादी धर्मपाल सिंह ने चंबल परियोजना,राशन और मुआवजे से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए।
चंबल सप्लाई: परिवादी ने चंबल सप्लाई के अंतर्गत जल आपूर्ति शुरू करवाने और पाइपलाइन में बाधा डालने वालों की शिकायत की।इस पर एडीएम श्री कस्वां ने पीएचईडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि “चंबल का पानी जनता का अधिकार है।यदि कोई पाइपलाइन में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस कार्यवाही अमल में लाई जाए।”
राशन और खाद्य सुरक्षा:
खाद्य सुरक्षा में नाम न जुड़ने से राशन बंद होने और राशन कार्ड पुनः चालू करने की मांग पर एडीएम ने डीएसओ को नियमानुसार जांच कर पात्र व्यक्ति को तत्काल जोड़ने के निर्देश दिए।
मुआवजा और किसान सम्मान निधि:
खरीफ फसल खराबे का मुआवजा और पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त न मिलने के प्रकरण पर एडीएम ने राजस्व अधिकारियों को गिरदावरी रिपोर्ट और डेटा अपडेट करने के लिए पाबंद किया।
अधिकारियों को दो टूक: “कोताही बर्दाश्त नहीं”
एडीएम राजकुमार कस्वां ने चौपाल में स्पष्ट शब्दों में कहा,रात्रि चौपाल का उद्देश्य केवल खानापूर्ति नहीं है।यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली कनेक्शन,ट्रांसफार्मर और मुआवजे से जुड़ी जो भी समस्याएं आज सामने आई हैं, उनका निस्तारण अगले 7 दिवस के भीतर हो।
सुशासन का संदेश
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय बाद किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इतनी आत्मीयता से उनकी समस्याएं सुनी हैं। एडीएम की कार्यशैली ने यह साबित कर दिया कि प्रशासन अब बंद कमरों तक सीमित नहीं है,बल्कि गांव की चौपाल पर न्याय करने के लिए तत्पर है।
ये रहे उपस्थित
रात्रि चौपाल में तहसीलदार,विकास अधिकारी,ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






