राज्य सरकार की ‘जन-जन तक शुद्ध पेयजल’ पहुँचाने की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से गृह, गौपालन,पशुपालन,डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बुधवार को बृजनगर मुख्यालय पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली।बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और चंबल परियोजना के अधिशाषी अभियंता,सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं की उपस्थिति में बृजनगर और सीकरी क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था का गहन मंथन किया गया।
पेयजल समस्याओं पर सीधा संवाद: “समाधान में देरी स्वीकार्य नहीं”
बैठक के दौरान मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आ रही जलापूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लिया।उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि पानी आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री महोदय ने विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस किया:
लीकेज: पाइपलाइनों में हो रहे लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए ताकि पानी की बर्बादी रुके और अंतिम छोर तक पूरा दबाव बने।
खारा पानी: जिन क्षेत्रों में खारे पानी की समस्या है, वहां चंबल के मीठे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी विकल्पों पर कार्य हो।
अनियमित आपूर्ति: शहरी वार्डों और जिन गांवों में पानी समय पर नहीं पहुँच रहा है, वहां सुचारू आपूर्ति के लिए तत्काल कार्ययोजना बनाई जाए।
नवाचार: अब वार्डों में सजेंगी ‘जल चौपाल’
पेयजल समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने एक अनूठी पहल की है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब समस्याओं को सुनने के लिए कार्यालय में बैठने के बजाय जनता के बीच जाया जाए।
शहरी क्षेत्र: आगामी दिनों में बृजनगर और सीकरी के 2-3 वार्डों के क्लस्टर बनाकर ‘जल चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा,जहाँ मौके पर ही निवासियों की समस्याओं का समाधान होगा।
ग्रामीण क्षेत्र: मंत्री महोदय ने अधिकारियों को 15 से 20 दिनों का एक विस्तृत रूट चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।इस चार्ट के अनुसार अधिकारी गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएंगे और ग्रामीणों की पेयजल समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करेंगे।
“अंतिम व्यक्ति की प्यास बुझाना ही हमारा ध्येय”
अधिकारियों को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा,”हमारी सरकार का संकल्प है कि कोई भी परिवार प्यासा न रहे।चंबल परियोजना का लाभ हर घर तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। अधिकारी फील्ड में उतरें और तकनीकी खामियों को दूर कर एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था कायम करें।”
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने मंत्री महोदय को आश्वस्त किया कि वे दिए गए निर्देशों की अक्षरशःपालना करेंगे और निर्धारित समय सीमा में व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।






