प्रमोशन के बाद ट्रेनिंग कर रहे जवान मनजीत सिंह (33) का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे श्रीगंगानगर के रेडबग्गी गांव के रहने वाले थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
उनकी पार्थिव देह को देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। कोई ट्रक पर चढ़कर देखने लगा। घर में चौक में पैर रखने की जगह नहीं बची।
इस दौरान जवान की पत्नी पूनम अपने पति के शव को दुलारती रही। बेटा गोद में था, जिसे ये तक मालूम नहीं कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं है।
जवान की पार्थिव शरीर पैतृक गांव रेडबग्गी पहुंच चुका हैं। शाम 5 बजे रेडबग्गी गांव में ही सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों के अनुसार, उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में थी। हाल ही में उनका प्रमोशन हुआ था। उनके बाद वे ट्रेनिंग करने शाहजहांपुर (यूपी) में आए थे। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
मनजीत सिंह शादीशुदा थे। उनके पीछे पत्नी, 7 साल का बेटा और 2 साल की बेटा रह गए हैं।
5 दिन पहले ही गए थे, अब ऐसे आए हैं
शहीद की भतीजी राजविंदर कौर ने बताया- वे दिसंबर में छुट्टियों में आए थे। इसके बाद 20 दिसंबर को ही वापस गए थे। इसके बाद अब ऐसे आए हैं। बोलते-बोलते राजविंदर रोने लगी।
वहीं 7 साल का बेटा नमनदीप भी यही बात दोहराता है। पीछे खड़ी राजविंदर उसे सहारा देती हैं।
राजविंदर कौर बताती हैं- चाचा 6 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। नायक (8 सिखलाई) के पद पर पोस्टेड थे। यूपी के शाहजहांपुर में ट्रेनिंग कर रहे थे।
मेजर सूबेदार मान सिंह चौहान ( सैनिक कल्याण बोर्ड) ने बताया- जवान का अंतिम संस्कार सूरतगढ़ सैन्य छावनी के जवानों व प्रशासनिक अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ किया। इस दौरान रिटायर्ड हवलदार गुरदयाल सिंह (75) 8 सिखलाई रेजिमेंट सहित अनेक प्रशासनिक व सेना के अधिकारी मौजूद रहे।
देखें जवान की अंतिम यात्रा की तस्वीरें….












