संसद में जनहित के लिए सवाल करने के मामले में पाली सांसद पीपी चौधरी अव्वल रहे। उन्होंने सबसे ज्यादा 26 प्रश्न जनहित के मुद्दों को लेकर किए। इसके साथ ही संसद में उन्हें उपस्थित 93 प्रतिशत रहा और 4 मुद्दों पर उन्होंने बहस में भाग भी लिया। जो संसद में उनकी सक्रियता को दर्शाता है।
लोकसभा में पूछे गए कुल 327 प्रश्न लोकसभा में कुल पूछे गए 3,449 प्रश्नों में से राजस्थान के सांसदों ने 327 प्रश्न पूछे। इनमें पाली के सांसद पीपी चौधरी 26 प्रश्न के साथ अव्वल रहे। वहीं, भीलवाड़ा के दामोदर अग्रवाल 25 सवाल पूछ कर दूसरे स्थान पर रहे। राजसमंद की महिमा कुमारी मेवाड़ 23 प्रश्न पूछ कर तीसरे स्थान पर रहीं।
बहस करने में सांसद बेनीवाल आगे सांसद हनुमान बेनीवाल ने बिल पर बहस, ध्यानाकर्षण और अन्य प्रकार से 12 बार सदन में मुद्दों को उठाया। वहीं, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत इसमें दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 9 बार मुद्दों को उठाया सांसद बेनीवाल बहस करने में सबसे आगे रहे।
जाने कौन है सांसद पीपी चौधरी सांसद पीपी चौधरी एक वरिष्ठ वकील और राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में पाली लोकसभा से सांसद है। इससे पहले, उन्होंने कॉर्पोरेट मामलों, कानून और न्याय, और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं। उन्होंने पहले विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष, जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2022 पर संयुक्त समिति के अध्यक्ष, व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 पर संयुक्त समिति के अध्यक्ष और लाभ के पदों पर संयुक्त समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। वह लोकसभा की प्राक्कलन समिति, व्यापार सलाहकार समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके है। वे राजस्थान के जोधपुर के भावी गांव में एक किसान परिवार में प्रभु राम चौधरी और धाकु देवी के बेटे के रूप में हुआ था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़े और उनकी प्रारंभिक शिक्षा आरएसएस के प्रचारक के जीवन में हुई। उन्होंने दो स्नातक डिग्री, बी.एससी. प्राप्त की। और एल.एल.बी. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर से। उन्होंने 1978 से जोधपुर उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की। उनका विवाह वीणा पाणि चौधरी से हुआ और उनके दो बच्चे हैं।
सांसद रत्न से भी हो चुके है सम्मानित उन्होंने अपना पहला भारतीय आम चुनाव 2014 में पाली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 4 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीता और वर्ष 2019 में 5 लाख वोटों के अंतर से और फिर 2024 में 2.5 लाख के अंतर से जीता। लोकसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 2015 और 2016 में लगातार दो वर्षों तक ‘सांसद रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।






