अजमेर के क्रिश्चयनगंज थाना क्षेत्र में हुई एक युवक से 23 लाख 39 हजार रुपए लूट के मामले में जांच अधिकारी एएसआई तेजाराम को पुलिस महानिरीक्षक ने सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि लूट की राशि बरामदगी करने में गड़बड़झाला किया गया।
आईजी राजेन्द्र सिंह ने पुलिस अधिकारियों की कारगुजारी की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजयसिंह को सौंपी है। इसके अलावा लूट के मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच का जिम्मा प्रशिक्षु आईपीएस अजेय सिंह को सौंपा है।

बता दें कि 2 दिसंबर 2025 को वैशाली नगर के कुट्टी की टाल के पीछे चौरसियावास रोड पर रहने वाले कमल पुत्र तीर्थदास ने शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने गांधी गृह में अपना मकान बेचा था और पैसे देने के लिए वैशाली नगर के मालू गोदाम निवासी भरत ने उन्हें प्रेम प्रकाश आश्रम के पास बुलाया।
घर लौटते वक्त बाइक सवार तीन-चार युवकों ने उन्हें रोका, मारपीट की और 23 लाख 39 हजार रुपए से भरी थैली छीन ली। पुलिस ने लूट का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
इसके बाद पुलिस ने ग्राम तिहारी, श्रीनगर, अजमेर निवासी सुरेन्द्र चौधरी (23) पुत्र जीवणराम, सूरज चौधरी (22) पुत्र रणजीत जाट, खुशीराम चौधरी (21) पुत्र नाथू जाट व दिलखुश मेघवंशी (20) पुत्र बाबूलाल और ग्राम दादिया, अरांई, अजमेर निवासी देशराज जाट (19) पुत्र हनुमान व खेड़ा गोपालपुरा, अरांई, अजमेर निवासी राजेश जाट (21) पुत्र के लक्ष्मण जाट को गिरफ्तार किया।







