राजधानी जयपुर में रिंग रोड की तर्ज पर अब शहर के आउटर एरिया में रिंग रेलवे परियोजना शुरू करने की मांग की गई है। इससे शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के साथ ही बाहरी आबादी को सीधे तौर पर शहर से जोड़ा जाए। इस मांग को लेकर जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा है। मंजू शर्मा ने जयपुर रिंग रेल परियोजना को लेकर केंद्र सरकार से तेज से कदम उठाने की मांग की है।
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से जयपुर रिंग रेलवे परियोजना शहर के विकास को नई दिशा दे सकती है। सड़क नेटवर्क और रिंग रोड के साथ यह रिंग रेलवे परियोजना जयपुर के आने वाले भविष्य और संतुलित विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने बताया कि जयपुर की आबादी करीब 60 लाख तक पहुंच चुकी है। राजधानी होने के साथ-साथ यह शहर पर्यटन, उद्योग, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में बढ़ते यातायात का दबाव एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
जयपुर शहर के बाहरी क्षेत्र तेजी से उपनगरों के रूप में विकसित हो रहे हैं। रिंग रेलवे परियोजना से इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि, लॉजिस्टिक और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
मंजू शर्मा ने कहा कि इस परियोजना से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और जयपुर के मुख्य रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ घटेगी। नए रेलमार्ग पर मालगाड़ियों के संचालन के साथ-साथ टूरिस्ट स्पेशल ट्रेनों को चलाने की भी संभावनाएं बनेंगी।
जयपुर रिंग रेल परियोजना को दो से तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। यह परियोजना जयपुर के 2050 मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। प्रस्तावित रिंग रेलवे, रिंग रोड के समानांतर कहीं 200-300 मीटर, तो कहीं दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर विकसित होगी। इससे रिंग रोड और रिंग रेलवे के आसपास प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने और नई टाउनशिप विकसित होने की भी संभावना है।
परियोजना के पहले चरण में कुल 13 नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें कानारवास, गोनेर, प्रह्ललादपुरा, शिवदासपुरा, सुखदेवपुरा, वाटिका, सांगानेर रोड, नेवटा, कलवाड़ा, बगरू, बेगस और बोबास शामिल हैं। इन स्टेशनों के बनने से जयपुर के आउटर एरिया की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि सरकार भी जयपुर को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के लिए सड़क, रिंग रोड, मेट्रो और अन्य शहरी परियोजनाओं पर लगातार काम कर रही है।
बता दें कि जनवरी 2024 में जयपुर प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी जयपुर के चारों ओर रिंग रेलवे विकसित करने की बात कही थी। ऐसे में अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की उम्मीद जताई जा रही है।





