जोधपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक क्रेटा कार से 28.503 किलोग्राम अफीम का दूध बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जबकि, उसके दूसरे साथी को भी डिटेन किया है। यह खेप मणिपुर से कार के दरवाजों के नीचे विशेष खांचे बनाकर जोधपुर लाई गई थी।
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया- डीएसटी (जिला विशेष टीम) और करवड़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लोरड़ी पंडितजी गांव में दबिश दी। यहां से आरोपी नरपत सिंह राजपुरोहित (निवासी लोरड़ी पंडितजी) को गिरफ्तार किया गया है।
गैराज में खुली तस्कर की पोल डीसीपी (ईस्ट) पी.डी. नित्या ने बताया- डीएसटी प्रभारी खेतसिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। इस पर कार्यवाहक थानाधिकारी किशनलाल के नेतृत्व में टीम ने नरपत सिंह के घर पर दबिश दी।
मौके पर मिली क्रेटा कार की तलाशी लेने पर पुलिस को शुरू में कुछ नहीं मिला। आरोपी द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस टीम कार को मंडलनाथ चौराहा स्थित ‘मां आशापुरा गैराज’ लेकर गई। वहां मिस्त्री की मदद से जब कार की बारीकी से जांच की गई।
तस्करी का तरीका देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। तस्कर ने कार के दोनों फाटकों (दरवाजों) के नीचे प्लास्टिक की विशेष स्कीम बना रखी थी। इसे खोलने पर उसमें छिपाया गया 28.503 किलो अवैध अफीम का दूध बरामद हुआ।
मणिपुर से जोधपुर तक नेटवर्क पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि नशे की यह खेप मणिपुर से लाई गई थी। तस्करों ने जोधपुर पहुंचने के लिए लंबा रूट अपनाया। वे मणिपुर, नागालैंड, असम (गुवाहाटी), मेघालय, पश्चिम बंगाल (सिलीगुड़ी), बिहार, गोरखपुर (यूपी), जयपुर, सीकर और बालोतरा होते हुए जोधपुर पहुंचे।
सीकर से भी जुड़े हैं तार पुलिस जांच में सामने आया है कि इस तस्करी में अंतरराज्यीय गिरोह शामिल है। मामले में एक अन्य सह-अभियुक्त शीशपाल (37) पुत्र मोहनलाल गुर्जर निवासी देवगढ़ (सीकर) की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस टीम ने उसे दस्तयाब कर लिया है और उसे जोधपुर लाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी नरपत सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 और 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






