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ठगी की जांच करने जोधपुर आई पंजाब पुलिस, छात्र ने कार्रवाई से बचने को 21 जनों पर किया केस

साइबर ठगी के मामले में जांच करने आई पंजाब की संगरूर पुलिस पूछताछ के लिए कंप्यूटर साइंस के छात्र के घर पहुंची। आगे की कार्रवाई से बचने के लिए मुख्य आरोपी अभिषेक बिश्नोई, तत्कालीन बैंक मैनेजर भानुप्रताप मिश्रा और खाते में पैसा ट्रांसफर करने वाले मनीष खिलेरी, वाशिम राठौड़, सुबोध खिलेरी समेत 21 जनों के खिलाफ छात्र ने देवनगर थाने में आईटी एक्ट में मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच थानाधिकारी सोमकरण चारण कर रहे हैं।

मसूरिया श्रमिकपुरा निवासी पीड़ित आयुष जांगिड़ जोधपुर की मोगड़ा स्थित जीत कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ एक कंपनी में पार्टटाइम जॉब करता था। वहां उसकी मुलाकात मंडोर निवासी आरोपी अभिषेक बिश्नोई से हुई, जो वहां उसका सहकर्मी था। आरोप है कि अभिषेक ने आयुष को बंधन बैंक में अच्छी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। 6 जुलाई 2024 को अभिषेक ने आयुष से उसका मोबाइल फोन यह कहकर लिया कि उसे नौकरी के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना है। इसी दौरान अभिषेक ने आयुष के मोबाइल पर आए ओटीपी का उपयोग कर चुपके से बंधन बैंक की ब्यावर खास शाखा (अजमेर) में आयुष के नाम से एक ऑनलाइन खाता खोल दिया।

पंजाब पुलिस की छापेमारी से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

फर्जीवाड़े का खुलासा 29 मई को हुआ, जब पंजाब के संगरूर की साइबर क्राइम पुलिस आयुष के घर पहुंची। पुलिस ने बताया कि 1.43 करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड की जांच में इस खाते का लिंक मिला है। जांच में सामने आया कि आयुष के नाम से खुले इस फर्जी खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर हुए और तुरंत एटीएम से निकाल लिए गए।

बैंक मैनेजर पर मिलीभगत का लगाया आरोप

परिवादी का आरोप है कि वह कभी ब्यावर गया ही नहीं और न ही उसने बैंक में कोई दस्तावेज जमा कराए। इसके बावजूद बैंक मैनेजर मिश्रा और अन्य कर्मचारियों ने मिलीभगत कर बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के खाता चालू कर दिया। पीड़ित के पते पर चेकबुक या एटीएम कार्ड भी नहीं आया, जिसे आरोपी ने रास्ते में ही गायब कर लिया।

कर्मचारी से की 80 हजार की ठगी, पुलिस ने 73 हजार रु. रिफंड करवाए, आरोपी गिरफ्तार

जोधपुर | कर्मचारी से ऑनलाइन 80 हजार ठगने के मामले में पुलिस ने 73 हजार रुपए रिफंड करवा दिए। खाताधारक आरोपी आकाश को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया।

नई सड़क स्थित मिठाई की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी अनूप सामंता को ठग ने दोस्त रणदीप बनकर वाट्सएप कॉल किया। उसने वीजा के लिए रुपयों की जरूरत बताई। कहा कि पैसों की व्यवस्था नहीं हुई तो वीजा कैंसिल हो जाएगा। ठग ने परिवादी को झांसे में लेकर 80 हजार रुपए खाते में ट्रांसफर करवा दिए। बाद में जब कर्मचारी को ठगी का पता चला तो तब उसने पुलिस में रिपोर्ट दी। डीसीपी (पूर्व) पीडी नित्या ने बताया कि मामला सामने आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर साइबर पोर्टल के माध्यम से परिवादी के खाते से हुए ट्रांजेक्शन के संबंध में रिकॉर्ड प्राप्त कर संदिग्धों के खातों से डेबिट फ्रीज करवा 73 हजार रुपए होल्ड करवाए। रकम को रिलीज करने के लिए कोर्ट के आदेश पर संबंधित बैंक को भिजवाया। मामले में खाताधारक आरोपी भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अन्न नगर निवासी आकाश (20) को गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया।

आयुष के परिजनों ने अभिषेक से फोन पर बात की, तो उसने स्वीकार किया कि यह खाता उसने ही खोला था और इसे अपने एक दोस्त रमेश को इस्तेमाल के लिए दिया था। बातचीत की यह रिकॉर्डिंग पुलिस और कोर्ट को सबूत के तौर पर दी गई है।

पुलिस को दी जुर्म कबूलने की रिकॉर्डिंग

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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