उदयपुर के SP योगेश गोयल ने सवीना थाने के थानाधिकारी भंवरलाल माली और कॉन्स्टेबल सतपाल सिंह को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया है। यह कदम 27 दिसंबर को थाना क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर के जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले में लगे मिलीभगत के गंभीर आरोपों के बाद उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों पर आरोपियों से सांठ-गांठ करने और पैसे के लेन-देन में शामिल होकर केस में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा देने के आरोप हैं। मृतक के परिवार वालों ने आरोपी दंपती पर बेचे गए प्लॉट के पैसे वापस मांगने के बहाने धमकी देने और डराने के आरोप लगाए थे।
मामले की डिटेल्स के अनुसार, सवीना मठ मार्ग के रहने वाले कमलेश चौधरी (36) प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। करीब 6 महीने पहले उन्होंने शाहिद और उसकी पत्नी को एक प्लॉट बेचा था। कुछ दिनों पहले दंपती ने प्लॉट पसंद न आने का बहाना बनाकर पैसे वापस मांगना शुरू कर दिया और कमलेश को लगातार धमकियां देने लगे।
इस उत्पीड़न से तंग आकर कमलेश ने 27 दिसंबर को जहर खा लिया। अगले दिन सुबह परिवार वालों ने उन्हें देखा और फौरन एमबी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी।






