अलवर शहर के पास लगातार तीन दिन से बाघ-बाघिन को देखा जा रहा है। सरिस्का में आज सुबह की साइटिंग के दौरान बफर जोन में टूरिस्ट ने बाघ ST-18 को देखा। बाघ जंगल से निकलकर ट्रैक पर आ गया था।
जिप्सी के सामने आने पर टूरिस्ट ने उसका वीडियो बनाया। बता दें कि बफन जोन शहर से केवल 5 किमी दूर है।
बाघ ST-18 की PHOTOS



टाइगर एसटी-18 की साइटिंग नेचर गाइड सतीश सोनी और ड्राइवर राम सिंह ने बताया कि बफर जोन में टाइगर एसटी-18 अचानक ट्रैक के बीच में आ गया। वह काफी देर तक ट्रैक के आस-पास ही घूमता रहा। जिप्सी के सामने आने पर टूरिस्ट्स को डर भी लगा था लेकिन कुछ ही देर में बाघ वापस जंगल की ओर चला गया। शहर के पास बफर जोन में लगातार टाइगर की साइटिंग से टूरिस्ट की संख्या बढ़ी है।
शावकों के साथ दिखी थी टाइग्रेस दो दिन पहले अंधेरी के पास टाइग्रेस एसटी-2302 अपने दोनों शावकों के साथ दिखी थी। टाइग्रेस अपने दो शावकों के साथ पेड़ के नीचे जंगल में बैठी हुई दिखी थी।

बफर जोन में एसटी 19 के चार शावक अलवर के बफर जोन में बाला किला के आसपास पहले टाइग्रेस एसटी 19 के चार-चार शावक दिखे हैं। अब एसटी 2302 के दो शावक नजर आते हैं। यहां एसटी 18 टाइगर का दबदबा रहा है। उसके यहां आने के बाद बफर जोन में टाइगर का कुनबा तेजी से बढ़ा है। एसटी 19 ने बफर जोन को आबाद करने में अहम भूमिका निभाई है। अब एसटी 2302 के दो शावक आए दिन नजर आ जाते हैं।
अंधेरी ट्रैक ओर बारा लिवारी ट्रैक पर दिखते बाघ-बाघिन वन विभाग ने बफर क्षेत्र में अंधेरी ट्रैक ओर बारा लिवारी ट्रैक ही चालू कर रखा है। बाला किला जाने वाला रास्ता टूटा है। बारा लीवारी ट्रैक पर टाइग्रेस अपने शावकों के साथ जंगल में घूमती देखी जाती है। वहीं अंधेरी ट्रैक पर टाइग्रेस एसटी-2302 को देखा जा रहा है। टाइगर एसटी 18 होदी वाले एरिया में दिखता है।





