मकर संक्रांति के त्योहार पर चाइनीज मांझे को लेकर प्रशासन सख्त है। धारदार चाइनीज मांझे के कारण लगातार बढ़ रहे हादसों के बाद प्रशासन ने इस पर बैन लगा दिया है, वहीं पतंगबाजी का समय भी निर्धारित कर दिया गया है।
इस बीच जिले में चोरी-छिपे बिक रहे चाइनीज मांझे के कारण एक युवक की गर्दन पर गहरा घाव हो गया। वहीं एक अन्य युवक की हथेली कट गए, जिस पर टांके लगाने पड़े।
बाजारों में चेकिंग शुरू जिला प्रशासन ने सतर्कता टीमें भी बनाई है, जो लगातार दुकानों पर चाइनीज मांझे की चेकिंग कर रही है। नागौर सीओ आईपीएस जतिन जैन ने शहरवासियों और व्यापारियों के लिए एक संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि पतंगबाजी हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन चाइनीज मांझे का उपयोग इंसानी जान और बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।
उन्होंने आगाह किया कि दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह मांझा मौत का फंदा साबित हो रहा है, जिससे गर्दन और चेहरा कटने जैसे कई दर्दनाक हादसे पहले भी घटित हो चुके हैं।

कठोर कानूनी कार्रवाई और समय की पाबंदी आईपीएस जतिन जैन ने चेतावनी दी है कि चाइनीज मांझे का भंडारण, बेचान और उपयोग करने पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने इसे एक दंडनीय अपराध घोषित किया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि इसे उड़ाने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
इसके साथ ही, पक्षियों के जीवन की सुरक्षा के लिए जिला कलेक्टर के आदेशानुसार समय की पाबंदी भी लागू की गई है। आगामी 31 जनवरी तक सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। यह वह समय होता है, जब पक्षी अपने घोंसलों से निकलते या वापस लौटते हैं।

सुरक्षित त्योहार मनाने की अपील प्रशासन ने आमजन से भावुक अपील की है कि वे इस मकर संक्रांति पर केवल सूती या सामान्य मांझे का ही उपयोग करें। सीओ जैन ने कहा कि त्योहार की खुशी किसी की जान से बढ़कर नहीं है, इसलिए नियमों का पालन करें और सुरक्षित तरीके से खुशियां मनाएं।






