राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में आबकारी विभाग ने दिसंबर महीने में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। विभाग ने कुल 1103 मामले दर्ज किए और इससे जुड़े 758 लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता रही अवैध शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का बड़े स्तर पर नष्ट किया जाना।
पूरे प्रदेश में 3 लाख 32 हजार 626 लीटर वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिससे जहरीली शराब की सप्लाई चेन शुरू होने से पहले ही तोड़ दी गई और जहरीली शराब के खतरे को कम किया जा सका।
आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए। कार्रवाई में भारत निर्मित विदेशी मदिरा की 11 हजार 836 बोतलें, देसी मदिरा की 5 हजार 820 बोतलें, अवैध मदिरा की 7 हजार 677 बोतलें और 1 हजार 676 बोतल बीयर सीज की गईं। इसके अलावा 3 किलोग्राम भांग और 7 लीटर स्प्रिट भी जब्त की गई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह सामग्री अवैध रूप से संग्रहित और परिवहन की जा रही थी।

अवैध मदिरा के परिवहन पर भी विशेष नजर रखी गई। इस दौरान 22 दुपहिया वाहन, 3 हल्के चार पहिया वाहन और 3 भारी चार पहिया वाहन सहित कुल 28 वाहनों को सीज किया गया। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले साधनों पर कार्रवाई से इस नेटवर्क को कमजोर किया गया है।

अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन ओपी जैन ने कहा कि यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का फोकस अवैध मदिरा से जुड़े हर स्तर के कारोबार पर है, ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके और ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।





