जोधपुर के केरू रोड से गैस टैंकर ड्राइवर से अवैध लेनदेन का मामला सामने आया है। आरोप है कि RTO का कर्मचारी टैंकर ड्राइवर से अवैध वसूली कर रहा है। इसका किसी अन्य वाहन ड्राइवर ने वीडियो बना दिया। वीडियो के सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। फिलहाल इस वीडियो को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
दरअसल, एक 30 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक आरटीओ कर्मचारी ट्रक को रोकते दिख रहा है। फिर आपस में कुछ लेनदेन करते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो जोधपुर के केरू रोड का है। यहां पर परिवहन विभाग की गाड़ी के कार्मिक ट्रक चालकों से वसूली करते हुए नजर आ रहा है। इसका किसी ने वीडियो बना दिया।

RTO ने नहीं दिया जवाब
इस पूरे मुद्दे पर RTO आकांक्षा बैरवा से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने रिप्लाई नहीं दिया। उन्हें इस मुद्दे पर जानकारी के लिए मैसेज भी किए गए, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध रखी है।

पिछले दिनों एसीबी ने परिवहन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की थी
8 जनवरी को ACB टीमों ने परिवहन विभाग के 11 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। इंस्पेक्टर, कर्मचारी और दलाल सहित 13 जनों को डिटेन कर 1.16 लाख रुपए बरामद किए थे। जांच में सामने आया था कि दलाल वाहन ड्राइवरों से ओवरलोडेड वाहनों और अन्य कमियां मिलने पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में रिश्वत लेकर अधिकारियों तक रिश्वत के रुपए पहुंचा रहे थे। पेमेंट का लेन-देन मोबाइल मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट और हाईवे ढाबों के जरिए हो रहा था। दलाल अलग-अलग मोबाइल का प्रयोग कर कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था चला रहे थे, जिसमें वाहन नंबर फॉरवर्ड कर रिश्वत के रुपए का लेन-देन आसान बनाया जाता था।
13 गिरफ्तार और 1.16 लाख कैश मिला था
कार्रवाई में निरीक्षक जलसिंह उनके निजी सहायक प्रदीप जोधा, दलाल विक्रम सिंह पिपरोली व संजय यादव, ढाबा संचालक बुधे सिंह, महेन्द्र कुमार, सुनील कुमार और संविदा गार्ड लक्ष्मण काठात, गुलाब काठात एवं संदिग्ध रामूराम, मनोहर गांधी, बुद्विप्रकाश प्रजापत व कृष्णा सिंह कुल 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। इनसे 1 लाख 16 हजार 700 रुपए संदिग्ध कैश, 19 मोबाइल, 4 सीसीटीवी डीवीआर, 12 संदिग्ध डायरियां (जिनमें लाखों रुपए का हिसाब एवं डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड) बरामद हुआ था।





