मानसरोवर के खरबास चौराहे पर ओवर स्पीड ऑडी कार द्वारा 16 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने मुख्य दो आरोपियों सहित 7 को गिरफ्तार किया है।
इनके साथ 5 लोगों को मदद करने के आरोप है। पकड़े गए सभी आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले में अहम सबूतों के साथ नया खुलासा हो सकता है।
डीसीपी नॉर्थ राजर्षि राज ने बताया- 9 जनवरी को ऑडी कार संख्या DD02G5709 से हुई दुर्घटना के संबंध में जांच के दौरान चालक दिनेश रणवां सहित उसके साथियों की भूमिका सामने आई। हादसे के बाद आरोपी को मौके से छिपाने, फरार कराने, वाहन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों को भी चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया।

थाना पत्रकार कॉलोनी एसएचओ मदन कड़वासरा ने बताया- मामले में डिटेन किए कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार रणवां (30 साल) पुत्र दुर्गादत्त, निवासी ढाणी रणवां, थाना दुधवा खारा, जिला चूरू (वर्तमान में कॉन्स्टेबल, निर्भया स्क्वाड, जयपुर) और पप्पू (28 साल) पुत्र मंगलराम चौधरी, निवासी गांव रेनवाल मांझी, थाना रेनवाल को आपराधिक गतिविधि में मानते हुए अरेस्ट किया गया है, दोनों ऑडी गाडी में सवार थे। इसके अलावा अशोक मीणा निवासी रजत पथ, मानसरोवर, सुमित कुमार निवासी विजय पथ, थाना शिप्रापथ, भागचंद निवासी गांव हसनपुरा नेवटा, थाना महिन्द्रा सेज, शिवराज निवासी गांव हसनपुरा नेवटा, थाना महिंद्रा सेज और नितिन निवासी चारावास, थाना खेतड़ी, जिला झुंझुनूं (हाल निवासी विनायक विहार, पत्रकार कॉलोनी को सहयोगी के तौर पर पकड़ा गया है। इन्होंने ऑडी कार चला रहे दिनेश रणवां को भगाने में सहयोग किया था। अग्रिम अनुसंधान के साथ ही कार्रवाई की जा रही है, जिसमें पकड़े गए 5 आरोपी सहयोगी पाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद इन आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और आरोपी को बचाने के उद्देश्य से उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
उन्होंने बताया- मुकेश और पप्पू ने फोन करके नितिन को बुलाया। सुमित और नितिन मौके पर आए। फिर उसके गाड़ी में घर ले गया और वहां से रुपए लिए। फिर दिनेश को भागचंद के पास छोड़कर आए। भागचंद के पास रातभर रुकने के बाद भागचंद के भाई ने दिनेश को आर्थिक सहायता और जरूरत का सामान इसको फरार करवाया।
पुलिस जांच के बाद कार्रवाई को बढ़ाते हुए दिनेश रणवां के बैंक खाते सहित तमाम कंपनी खाते सीज किए गए है। पुलिस दिनेश रणवां को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।

बता दे कि कॉन्स्टेबल मुकेश जाट (30) और पप्पू जाट, सुमति चौधरी और डॉक्टर अशोक मीणा को हादसे के अगले दिन शनिवार को डिटेन किया था। जबकि अन्य तीन आरोपी भागचंद, शिवराज और नितिन को सोमवार को डिटेन कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अलग-अलग स्थानों से पकड़ा है। डीसीपी साउथ ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय वाहन कौन चला रहा था और क्या शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया गया था। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
9 जनवरी को हुआ था हादसा
जयपुर में 9 जनवरी की रात रेसिंग कर रहे एक ऑडी कार ने कहर मचा दिया था। मानसरोवर के भीड़भाड़ वाले इलाके में 120 की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी कार पहले बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई। फिर सड़क किनारे लगी फूड स्टॉल्स में घुस गई।
इस दौरान वहां 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। कार 16 लोगों को रौंदते हुए एक पेड़ से टकराकर रुकी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वहीं चार लोग गंभीर घायल हैं।






