जयपुर शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान और ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण ने एक बड़ी पहल की है।
सोमवार को जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में जेडीए के चिंतन सभागार में डिजास्टर मैनेजमेंट को लेकर बैठक संपन्न हुई।
बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अब जयपुर शहर के ड्रेनेज तंत्र को मजबूत करने के लिए जेडीए, नगर निगम और राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
बैठक में जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने निर्देश दिए कि तीनों विभाग आपसी समन्वय के साथ जयपुर शहर के लिए एक मेजर कॉम्प्रिहेंसिव प्लान तैयार करें। इस योजना के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए एक विशेष फंड भी बनाया जाएगा। इस फंड में एसडीएमएफ के निर्धारित फंड के अलावा जेडीए और नगर निगम द्वारा भी राशि का योगदान दिया जाएगा।
योजना के सफल संचालन और तकनीकी निगरानी के लिए जेडीए, नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग के अभियंताओं की एक संयुक्त कमेटी गठित की जाएगी, जो इस संपूर्ण कार्ययोजना का प्रबंधन संभालेगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि जेडीए द्वारा वर्तमान में प्राथमिकता के आधार पर सांगानेर और पृथ्वीराज नगर योजना दक्षिण क्षेत्र में ड्रेनेज और आपदा प्रबंधन के लिए 250 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह कार्ययोजना नेबकॉन (नाबार्ड कंसल्टिंग सर्विसेज) के माध्यम से बनाई गई है। जेडीसी द्वारा एक सप्ताह में इस कार्ययोजना का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी हेतु अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को प्रेषित करने के निर्देश दियें
बैठक में नगर निगम आयुक्त गौरव सैनी, निदेशक वित्त, निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम एवं द्वितीय सहित जेडीए एवं आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।






