प्रदेश के आगामी बजट को आमजन के हितों के अनुरूप समावेशी बनाने तथा मनरेगा योजना को लेकर फैली भ्रांतियों के निराकरण के उद्देश्य से चित्तौड़गढ़ जिले की प्रभारी एवं महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार की अध्यक्षता में सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों एवं विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से संवाद कर आगामी बजट में चित्तौड़गढ़ जिले से जुड़े सुझावों को शामिल करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि यह बैठक आमजन के सुझावों को एकत्र कर उन्हें बजट में समाहित करने की दिशा में आयोजित की गई है, जिससे बजट वास्तव में समावेशी बन सके।
प्रभारी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में प्रस्तुत किया गया ग्रीन बजट एक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है तथा पूर्व बजट घोषणाओं को पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना का नाम परिवर्तित कर नए वित्तीय वर्ष से जी-राम-जी अधिनियम, 2025 लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा तथा कृषि कार्यों के लिए वर्ष में 60 दिनों की अवकाश अवधि का प्रावधान भी किया गया है। बैठक में चित्तौड़गढ़ जिले के विकास अधिकारियों द्वारा बजट एवं जी-राम-जी अधिनियम से संबंधित प्राप्त सुझावों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के प्रारंभ में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक ने जी-राम-जी अधिनियम, 2025 में आय संबंधी परिवर्तनों एवं नए प्रावधानों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में कपासन विधायक श्री अर्जुन लाल जीनगर एवं बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ ने भी अपने सुझाव रखे।
इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर आलोक रंजन सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





