जयपुर के SMS हॉस्पिटल से बिना परमिशन एक युवक के शव को लेकर जा रहे परिजनों को पुलिस ने पकड़ लिया। पतंग उड़ाते समय छत से गिरने पर युवक को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। युवक की मौत के बाद स्टाफ को बिना बताए परिजन स्ट्रेचर पर शव हॉस्पिटल से बाहर ले आए। परिजनों के धक्का-मुक्की करने के बाद भी SMS थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर हॉस्पिटल के अंदर रखवाया।
ASI राजेन्द्र ने बताया- SMS हॉस्पिटल के ट्रोमा में बुधवार शाम झालाना डूंगरी निवासी बबलू बैरवा (27) को एडमिट करवाया गया था। वह पतंग उड़ाते समय छत से नीचे गिरने से घायल हुआ था। हॉस्पिटल की इमरजेंसी में चेकअप के बाद उसे 113 नंबर वार्ड में एडमिट किया गया था। करीब 2 घंटे बाद इलाज के दौरान उसी मौत हो गई। परिजनों को डेथ की सूचना देकर पोस्टमॉर्टम के लिए शव को मॉर्च्युरी भिजवाने के लिए वार्ड में रखा गया था। रात करीब 8:30 बजे स्टाफ को बिना बताए परिजन स्ट्रेचर पर शव को रखकर हॉस्पिटल से बाहर ले आए।
दूसरे केस में पहुंची पुलिस की पड़ी निगाह इसी दौरान दूसरे केस में पहुंची SMS थाना पुलिस के एएसआई राजेन्द्र की निगाह स्ट्रेचर पर तेजी से बाहर ले जा रही भीड़ पर पड़ी। शक होने पर स्ट्रेचर पर किसे-कहां ले जाने के बारे में पूछा गया। स्ट्रेचर के साथ मौजूद लोगों ने खुद का रिश्तेदार होना बताया। गंभीर हालत होना बताकर प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट करवाने के लिए लेकर जाने की बताया। पुलिस के जांच करने पर स्ट्रेचर पर लेटा युवक के मृत होने का पता चला।
20 मिनट तक करते रहे हंगामा युवक के मृत होने के बारे में पुलिसकर्मी ने उन्हें बताया। उसके बाद भी वह दूसरे हॉस्पिटल में दिखाने की कहकर झगड़ने लगे। शक होने पर हॉस्पिटल स्टाफ से पता करने पर बिना बताए डेड बॉडी ले जाने का पता चला। पुलिस की ओर से बिना बताए हॉस्पिटल से शव ले जाने की बात को लेकर विरोध किया गया। जिसके चलते वहां मौजूद मृतक के 8-10 परिजनों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की। मरने के बाद भी प्राइवेट हॉस्पिटल में दिखाने की बात को लेकर झगड़ने लगे। करीब 20 मिनट चले हंगामे के बाद जैसे-तैसे पुलिस अतिरिक्त जाब्ता बुलाकर शव को दोबारा हॉस्पिटल के अंदर पहुंचाया गया।






