उदयपुर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुखेर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक संयुक्त अभियान के तहत ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका उपयोग वे ठगी के नेटवर्क को चलाने के लिए कर रहे थे।
रेस्टोरेंट और विला में दी दबिश
थानाधिकारी रविन्द्र चारण ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई सुखेर थाना क्षेत्र के तुलसी नगर इलाके में मिक्सोरा रेस्टोरेंट एण्ड विला पर हुई। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि इस रेस्टोरेंट की आड़ में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और ठगी का खेल चल रहा है। प्रशिक्षु आरपीएस जगदीश कुमार के नेतृत्व में टीम ने 14 जनवरी को अचानक वहां छापा मारा। पुलिस की टीम को मौके पर रेस्टोरेंट संचालक अपने साथियों के साथ ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के पैनल संचालित करते हुए मिला।
कमीशन और मोटा मुनाफा दिखाने का झांसा
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी अलग-अलग ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और गूगल क्रोम के माध्यम से सट्टेबाजी की आईडी चलाते थे। वे आम लोगों को अधिक प्रोफिट और भारी कमीशन का लालच देकर ऑनलाइन गेम खेलने के लिए प्रेरित करते थे। एक बार जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता, तो वे उनसे अपने बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेते थे। पैसे मिलने के बाद आरोपी ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करते थे।
गिरोह बनाकर खरीद रहे थे बैंक खाते
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह महज कुछ लोगों की धोखाधड़ी नहीं थी, बल्कि एक संगठित अपराध गिरोह था। ये लोग न केवल ठगी कर रहे थे, बल्कि ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए अवैध रूप से बैंक खाते खरीदने और बेचने के काम में भी शामिल थे। पुलिस इनके मोबाइल डेटा और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितने लाख या करोड़ रुपए की ठगी की जा चुकी है।
इन्हें गिरफ्तार किया
- चेतन पुत्र मांगीलाल निवासी कपासन (चित्तौड़गढ़), जो वर्तमान में मधुवन अपार्टमेंट, शोभापुरा में रह रहा था।
- अरविन्द कुमार उर्फ मुन्ना निवासी भीलवाड़ा, जो वर्तमान में अहमदाबाद (गुजरात) में रह रहा था।
- तुषार पुत्र सत्यनारायण निवासी कपासन (चित्तौड़गढ़), जो वर्तमान में रिवरव्यू अपार्टमेंट, भूपालपुरा में रह रहा था।
- कमल पुत्र अरविंद निवासी श्रीराम कॉलोनी, कपासन (चित्तौड़गढ़)।
- अभिषेक पुत्र ओमप्रकाश निवासी गिलूंड, राजसमंद जो वर्तमान में सज्जन अपार्टमेंट, शोभापुरा में रह रहा था।
पुलिस अब इस गिरोह के तार अन्य शहरों और राज्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि इनके पास से जब्त किए गए 9 मोबाइल फोन में कई महत्वपूर्ण डेटा और आईडी मिल सकती हैं, जो बड़े खुलासे कर सकती हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन गेमिंग और अज्ञात ऐप्स के जरिए मिलने वाले लालच से बचें और अपनी मेहनत की कमाई किसी अनजान खाते में ट्रांसफर न करें।






