सीकर के 8 युवाओं को रूस में नौकरी लगवाने के नाम पर 21 लाख 59 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने चंडीगढ़ की फर्म सुरभि व प्रवीण छलिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ितों का आरोप है कि फर्म ने उनसे रुपए तो ले लिए, लेकिन जब वे बार-बार विदेश जाने के लिए कहने लगे तो आरोपियों ने पहले 5 लोगों को विदेश भेज दिया। हालांकि, उन्हें एक महीने बाद ही वापस भेज दिया गया। जब पीड़ितों ने अपने रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल करके रुपए देने से मना कर दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अब 3 पॉइंट में समझिए ठगी की पूरी कहानी …
21 लाख की ठगी, एजेंट गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, जुबेर अली ने सुरभि व प्रवीण छलिया पर 8 लोगों को यूरोप के देश रूस में नौकरी करवाने के नाम पर कुल 21 लाख 59 हजार रूपए लेने का आरोप लगाया है। इसके बाद जब बार-बार कहा गया तो उन्होंने उन 8 लोगों को रूस भेज दिया, लेकिन 1 महीने तक उन्हें कोई ढंग का काम दिए बिना ही वापस इंडिया भेज दिया गया। सुरभि व प्रवीण से जब इस बारे में बात की गई तो कोई ढंग का जवाब नहीं दिया और पैसे वापस मांगे तो मुकर गए।
कैसे हुई ठगी, फर्जी एग्रीमेंट का सहारा परिवादी जुबेर की डेढ़-दो साल पहले प्रवीण और सुरभि से जान-पहचान हुई थी, दोनों ने बताया कि वे नौकरी के लिए विदेश भेजने का काम करते हैं। प्रवीण ने चंडीगढ़ के जिरकपुर में पीएनएस वीजा सर्विसेज नामक फर्म से संबंध बताकर यूरोप भेजने व रोजगार दिलाने के बारे में बताया। दोनों ने जुबेर को पीएनएस बीजा सर्विसेज जिरकपुर का पार्टनर बताया।
सुरभि व प्रवीण छलिया ने फर्जी लिखित एग्रीमेंट दिया। इस एग्रीमेंट का प्रयोग कर सुरभि व प्रवीण ने जुबेर व उसके परिचित सलीम अली, बरकत अली, सुरेंद्र सैन, घनश्याम सैन, राजेंद्र कुमार, नोमान शेख, सुरेंद्र मूंड और गोपाल से 21 लाख 59 हजार रुपए ले लिए। प्रवीण और सुरभि ने 21.59 लाख रूपए की राशि 3 अलग-अलग तरीकों से ली थी।
रूस में मजदूरी, वादे से मुकरे आरोपी आरोपियों ने चैक, कैश और यूपीआई के जरिए 21.59 लाख रूपए लिए थे। इसके बाद गत 27 अक्टूबर को सलीम अली, बरकत अली, सुरेंद्र सैन, घनश्याम सैन व राजेंद्र कुमार को वीजा देकर 10 नवंबर को रूस भेज दिया गया, जबकि 3 जने रह गए तो उन्हें बाद में भेजने की बात कही। पांचों व्यक्तियों को रूस में कोई रोजगार नहीं दिया गया और ना ही वैध व्यवस्था की गई, बल्कि जबरन मजदूरी करवाकर 1 महीना पूरा होते ही वापस भेज दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, जब दोनों आरोपियों से रकम वापस मांगी तो सुरभि व प्रवीण छलिया टालमटोल करते हुए धमकियां देने लगे, फिर 21 लाख 59 हजार रूपए देने के लिये स्पष्ट मना कर दिया। दोनों आरोपियों ने धोखाधड़ी करके विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर सारे रूपए हड़प लिए। एग्रीमेंट के बावजूद 5 जनों को रूस भेजने के बाद भी धोखे से 1 महीने बाद वापस भारत भेज दिया, जबकि 3 जनों को भेजा ही नहीं।





