पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने मंगला पशु बीमा और सेक्स सॉर्टेड सीमन के लक्ष्य 31 मार्च तक को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को शासन सचिवालय में विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन मोड पर करें, सभी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो । इससे विभाग की पारदर्शिता और निष्पक्षता झलकती है।
शासन सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के मार्गदर्शन में सरकार पशुपालकों और पशुओं के कल्याण के प्रति निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी और सुचारू संचालन के प्रति बहुत गंभीर है। मोबाइल वेटरनरी यूनिट के संचालन से पशुपालको और पशुओं को खासकर सुदूर क्षेत्रों में स्थित पशुपालकों को बहुत ही लाभ हुआ है। इसलिए इसके गुणवत्तापूर्ण उपयोग के प्रति हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त मोबाइल वेटरनरी यूनिट के जीपीएस के माध्यम से मॉनिटरिेंग करने के निर्देश दिए और लाभार्थियों के फीडबैक लेकर उनके सुझावों के अनुसार सेवा में सुधार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को इसकी प्रगति के लिए बधाई दी और कहा कि सख्ती और समन्वय के बीच अच्छा तालमेल बिठाते हुए हमें आगामी 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं के बीमा का लक्ष्य पूरा करना है। विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीना ने बताया कि कई प्रकार की तकनीकी बाधाओं का सामना करते हुए भी हम 10 हजार पशुओं का बीमा प्रति दिन कर पा रहे हैं, यह एक बड़ी उपलब्धि है। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने जिला प्रभारी अधिकारियों को जिले में उपलब्ध सभी मानव संसाधनों का समुचित उपयोग करने का आग्रह किया।
शासन सचिव ने ऑनलाइन मासिक प्रगति, मुख्य संकेतक बिंदुओं के आधार पर जिलों की प्रगति तथा टीकाकरण के क्षेत्र में विभाग की प्रगति पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एफएमडी टीकाकरण में विभाग का काम शानदार रहा है। इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण पहले कभी नहीं हुआ। अब तक लगभग 82 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा हो चुका है, जिनमें से 79 प्रतिशत की भारत पशुधन एप पर एंट्री भी हो चुकी है। शासन सचिव ने इसके लिए अधिकारियों की सराहना की और उन्हें बधाई देते हुए निर्धारित अवधि में शतप्रतिशत इंद्राज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
शासन सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा सेक्स सॉर्टेड समीन योजना दोनों बजट घोषणा के कार्य हैं और मुख्यमंत्री विषेष रूप से इन पर नजर रखे हुए हैं, इनकी प्रगति मोस्ट प्रोयोरिटी रखें। उन्होंने कुछ जिलों की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए योजना के प्रभावी पर्यवेक्षण पर बल दिया जिससे सेक्स सॉर्टेड सीमन का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने कार्य में गति लाने के लिए संस्थावार और तकनीकी कार्मिकवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने पर जोर देते हुए कमजोर प्रगति वाली संस्थाओं और कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने भारत पशुधन एप पर पशु एवं पशुपालक के डेटा डिजिटलाइजेशन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आगामी समय में केन्द्र सरकार से मिलने वाले बजट और सुशासन मापन के लिए यह भी एक आधार होगा। शासन सचिव ने योजनाओं की लक्ष्य आधारित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन, विभाग का डिजिटलीकरण और कार्मिकों के सतत् प्रशिक्षण पर भी बल दिया। शासन सचिव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनकी सराहना करते हुए अन्य चिकित्सकों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।
बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ ने अधिकारियों को कार्यव्यवस्था के बारे में विस्तार से समझाया और कहा कि काम नहीं करने वाला हमार दोस्त नहीं हो सकता। जिस काम को करने की उसे तनख्वाह मिलती है वह उसे करना ही चाहिए नहीं तो परिणाम के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड, पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश मीना, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण सेन, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश बुनकर, डॉ. हेमंत पंत तथा सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। संभागों से अतिरिक्त निदेशक, जिलों से संयुक्त निदेशक सहित अन्य पशु चिकित्साधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।






