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जनता के बीच अफवाह फैलाना,अनर्गल बयानबाजी करना और भ्रम पैदा करने की राजनीति करना गोविंद सिंह डोटासरा का स्वभाव:— मदन राठौड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राठौड़ ने कहा कि डोटासरा का यह स्वभाव बन चुका है कि वे बिना तथ्य और प्रमाण के मनगढ़ंत बातें करें और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करें। अफवाह फैलाना और अनर्गल बयानबाजी करना अब उनकी राजनीति का स्थायी हिस्सा बन गया है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण, जिसे एसआईआर कहा जाता है, कोई नई प्रक्रिया नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया कई बार अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में एसआईआर हुआ, इसके बाद 2002, 2003 और 2004 में भी विभिन्न राज्यों में कांग्रेस सरकारों के दौरान मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया गया। ऐसे में आज इस प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य केवल और केवल यह सुनिश्चित करना है कि देश का प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हो और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटाया जाए। इसमें किसी जाति, धर्म, वर्ग या मजहब का कोई भेदभाव नहीं होता। चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ यह कार्य करता है। आयोग का एकमात्र उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना है, न कि किसी राजनीतिक दल को लाभ या हानि पहुंचाना। राठौड़ ने कहा कि जो व्यक्ति इस देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची से हटाने में क्या दिक्कत है। जो लोग जीवित नहीं हैं या जिनका नाम दो जगह दर्ज है, उनके नाम क्यों न काटे जाएँ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और उसे अपना जनाधार खोने का डर सता रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लगातार एसआईआर को लेकर झूठे आरोप गढ़ रहे हैं और भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के नाम लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। इन नेताओं ने एसआईआर को लेकर न तो कोई बयान दिया है और न ही कोई चर्चा की है। वे अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने आए थे, लेकिन कांग्रेस को हर जगह काल्पनिक साजिशें नजर आने लगती हैं।

राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आजकल यह मानकर चल रहे हैं कि देश में होने वाली हर प्रक्रिया और हर गतिविधि उन्हीं को लक्ष्य बनाकर की जा रही है। यह उनकी राजनीतिक हताशा और मानसिक असंतुलन का परिचायक है। कांग्रेस के पास न तो कोई ठोस मुद्दा बचा है और न ही जनता के सामने रखने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा, इसलिए वह भ्रम और अफवाह का सहारा ले रही है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान में पूर्ण आस्था रखती है। चुनाव आयोग की प्रत्येक संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और जनता से अपील करती है कि कांग्रेस के झूठे प्रचार और अफवाहों से सावधान रहें। देश का लोकतंत्र मजबूत है और उसे कमजोर करने के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।

राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने डोटासरा के बयान की निंदा करते हुए कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया कानून के तहत निर्धारित है, जिसमें किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से हो, आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है और हर आपत्ति की विधिवत जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा फॉर्म जमा होने की बात कही जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट है कि सभी फॉर्म की जांच होगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत वास्तविक मतदाता की ही पुष्टि की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा उन्हीं व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती है, जिन्हें उसने स्वयं लागू किया था। ईवीएम कांग्रेस की ही देन है, लेकिन चुनाव हारते ही वही ईवीएम पर सवाल खड़े करने लगती है। इससे पहले एसआईआर भी कांग्रेस के समय भी होता था, लेकिन अब सवाल उठाए जा रहे हैं, यह आश्चर्य की बात है।

उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि अगर कांग्रेस को बहस करनी है तो वह विधानसभा में आए। हमारे दो साल के कार्यकाल की तुलना कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल से की जाए, हम बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा विधानसभा जाना नहीं चाहते और सदन का सामना करने से बचते हैं। बैरवा ने कहा कि जनता को गुमराह करने का प्रयास ठीक नहीं है, अगर किसी मुद्दे पर संवाद चाहिए तो सरकार जवाब देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान को लेकर भी कांग्रेस सवाल उठा रही है, जबकि 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं और 90 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कांग्रेस आमने-सामने बैठकर चर्चा करे, सरकार हर सवाल का जवाब देगी।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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