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इस साल खाटूश्याम मेला कम दिन का हो सकता है:5 और नए बदलाव की भी तैयारी, जानिए- कब से शुरू होगा, दर्शनों के लिए क्या है नई व्यवस्था

सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर के फाल्गुन मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फरवरी में आयोजित होने वाले इस मेले के दिनों की संख्या घटाई जा सकती है। मंगलवार को होने वाली मेला कमेटी और जिला प्रशासन की मीटिंग में इस पर निर्णय संभव है।

इसके साथ ही 21 फरवरी से होने वाले इस मेले में भक्तों को 5 और नए बदलाव देखने को मिलेंगे। जिसमें दर्शन व्यवस्था से लेकर पार्किंग के नए स्पॉट भी शामिल हैं।

मेले के 4 दिन कम किए जा सकते हैं

हर साल मेला 12 दिन का भरता है। पिछले कई सालों के आंकड़ों से देखा गया है कि मेले के शुरुआत के 4 दिन में भक्तों की संख्या 80 हजार से 1.30 लाख तक प्रतिदिन तक रहती है। जबकि आखिरी 8 दिन में करीब 20 लाख भक्त दर्शन करते हैं। ऐसे में मेले के दिन केवल 8 करने की तैयारी है। अगर मीटिंग में ये तय होता है तो साल-2026 में फाल्गुन मेला 21 से 28 फरवरी तक होगा।

पिछले साल मेले में शुरुआती चार दिनों में केवल 4.25 लाख लोगों ने बाबा के दर्शन किए थे। इसके बाद भक्तों की संख्या घटती गई थी। फाइल फोटो।
पिछले साल मेले में शुरुआती चार दिनों में केवल 4.25 लाख लोगों ने बाबा के दर्शन किए थे। इसके बाद भक्तों की संख्या घटती गई थी। फाइल फोटो।

परेशानी और पुलिसकर्मियों की व्यवस्था बड़ा चैलेंज

मेले के दिन ज्यादा होने के कारण पूरे खाटू कस्बे में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी जाती है। चाहे भीड़ कम हो या ज्यादा बैरिकेडिंग रहती है। ऐसे में स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में काफी परेशानी होती है।

वहीं, मेले के दौरान सीकर जिले का 60% से ज्यादा पुलिस प्रशासन ड्यूटी में रहता है। इसके अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी वहां पर ड्यूटी लगाया जाता है।

दूसरे जिलों से भी पुलिस सहित अन्य फोर्स खाटू में लगाई जाती है। इन्हीं कारणों से इस बार मेले के दिन कम किए जा सकते हैं।

इस बार मेले में पुलिस कर रही 5 बड़े बदलाव

1- दो नहीं तीन एग्जिट एरिया: पिछले कई सालों से मेले के दौरान 2 एग्जिट एरिया होते थे। इनमें 4 लाइनों का एग्जिट कबूतर चौक की तरफ और 10 लाइनों का एग्जिट कला भवन की तरफ रहता था। इस बार कला भवन की तरफ जाने वाली 10 लाइनों में से चार लाइनों को गुवाड़ चौक से निकाला जाएगा। क्योंकि पिछले मेलों के दौरान देखा गया कि एक साथ 10 लाइनों का एग्जिट होने की वजह से कई बार भगदड़ जैसे हालात बने थे।

2- 75 फीट ग्राउंड के एंट्रेंस पर नया ओवरब्रिज: पिछले मेलों में देखा गया कि 40 फीट रास्ते से श्रद्धालुओं की लाइन 75 फीट ग्राउंड होते हुए मंदिर की तरफ आती थी। ऐसे में 75 फीट ग्राउंड पर यदि किसी को लाइन के दूसरी तरफ जाना होता था तो, उसके लिए कोई ऑप्शन नहीं था। इस बार श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से एक फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा।

3- रियल टाइम क्राउड मैनेजमेंट के लिए CCTV कैमरे: पिछले मेलों में देखा गया कि मेले के दौरान खाटू कस्बे और दर्शन मार्ग में तो करीब 400 से 500 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन के पास खाटू की तरफ आने वाले क्राउड की रियल टाइम सटीक सूचना नहीं रहती थी।

अब निर्णय किया गया है कि खाटू की तरफ आने वाले मंडा और रींगस के रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिससे पुलिस रियल टाइम क्राउड मैनेजमेंट के हिसाब से अपनी व्यवस्थाएं कर सके।

4- बैरिकेडिंग की हाइट बढ़ाई जाएगी: श्रद्धालुओं की लाइन में जो बैरिकेडिंग की जाती है, इस बार उसकी हाइट को भी बढ़ाया जाएगा। जिससे कोई भी एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए इन्हें पार ना करें।

5- नए पार्किंग स्पॉट तैयार करना: हर बार मेले में देखा जाता है कि एकादशी के दौरान भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में पार्किंग की बड़ी समस्या रहती है। इस बार नए पार्किंग स्पॉट तैयार करवाए जाएंगे। जिससे ट्रैफिक की किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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