अजमेर की सेंट्रल जेल में बंद बंदी पर धारदार हथियार से हमला हो गया। हमला करने दूसरे बंदी ने उसे मारने से पहले कहा- ‘तूने ढाई साल के बच्चे को फेविस्टिक डालकर मार दिया। तू इंसान नहीं राक्षस है, और तुझे इस जेल में रहने का कोई अधिकार नहीं। मैं तेरे को आज जान से मारूंगा।’
घायल बंदी को जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जेल प्रहरी ने आरोपी बंदी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
लोहे के धारदार हथियार से किया हमला जेल प्रहरी मुकेश जाट ने मुकदमा दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में बताया कि सेंट्रल जेल के वार्ड संख्या 13 के बैरक संख्या 2 में विचाराधीन बंदी दीपक सैनी और हिनेश पुत्र शंकर लाल बंद है। 19 जनवरी को बंदी दीपक सैनी अपने साथियों के साथ बैरक में चैस खेल रहा था।
तब बंदी हिनेश पुत्र शंकर लाल चिल्लाते हुए आया। उसने बंदी दीपक से चिल्लाते हुए कहा कि तुझे इस जेल में रहने का कोई अधिकार नहीं। मैं तेरे को आज जान से मारूंगा।
इसके बाद बंदी हिनेश ने हाथ से बने लोहे की धारदार हथियार को जेब से निकाला और बंदी दीपक सैनी पर हमला कर दिया। बंदी दीपक के बाए गाल पर गंभीर चोट आई। ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी ने मौके पर जाकर बंदी दीपक को छुड़ाकर जेल डिस्पेंसरी भिजवाया।
मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों को दी गई है। बंदी को जेएलएन हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा गया। जेल प्रहरी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






